झांसी। बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत चयनित लाभार्थी यदि अपने कूप का निर्माण नहीं करा सके हैं तो उनके स्थान पर नए लाभार्थियों का चयन खुली बैठक में कर प्रस्ताव ले लिया जाए। यह निर्देश जिलाधिकारी गौरव दयाल ने ग्राम आमली में आयोजित खुली बैठक में सोशल आडिट और समस्याओं को सुनते समय दिए।
उन्होंने कहा कि मनरेगा में कार्य करने के इच्छुक कामगारों का जॉब कार्ड कार्य स्थल पर ही बनाया जाए , लेकिन कार्य के लिए लिखित प्रार्थना पत्र जरूर ले लिया जाए। ग्राम में मनरेगा के अंतर्गत अधिक से अधिक कार्यों का चयन किया जाए व सभी जॉब कार्ड धारकों को काम दिया जाए। ग्रामीणों द्वारा बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) कार्ड बनवाए जाने की मांग पर जिलाधिकारी ने कहा कि जातिगत एवं आर्थिक जनगणना पूरी हो गई है, शीघ्र ही नई बीपीएल सूची बनेगी। इस मौके पर ग्राम में हुए मनरेगा के कार्यों को पढ़कर सुनाया गया। ग्राम करगुवां बुजुर्ग में मनरेगा के अंतर्गत देवी मां के चबूतरे से श्मशान घाट तक कच्चे संपर्क मार्ग का सत्यापन मौके पर किया गया। इस कार्य में 1306 मानव दिवस सृजित किए गए थे तथा 1,56,720 रुपये खर्च हुआ था। डीएम ने मनरेेगा में और कार्य चयनित करने के निर्देश सचिव वीर सिंह यादव को दिए। इस मौके पर सीडीओ अनुज कुमार झा, एसडीएम गरौठा राकेश कुमार गुप्ता आदि अफसर और ग्रामीण उपस्थित रहे।
स्कूलों में बच्चों की जांच करेंगे आयुष चिकित्सक
झांसी। जिलाधिकारी गौरव दयाल ने जनपद में तैनात आयुष चिकित्सकों को विद्यालय में बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण में लगाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल के चिकित्सक बाहर से दवाएं न मंगाएं, यदि किसी मरीज को बाहर की दवा लिखते हैं तो उसका कारण भी अंकित किया जाए।
बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पतालों की सफाई प्रतिदिन कराई जाए। परिवार नियोजन की स्थिति की समीक्षा में पाया कि महिला नसबंदी का लक्ष्य 12280 के सापेक्ष मात्र 177 (1.44 प्रतिशत) नसबंदी हो सकी हैं। पुरुष नसबंदी की स्थिति भी खराब है। उन्होंने निर्देश दिए कि शीघ्र ही कैंप लगाकर शत प्रतिशत उपलब्धि हासिल की जाए। टीकाकरण की स्थिति ठीक पाई गई। जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत जिला महिला चिकित्सालय द्वारा 2535 लाभार्थियों के सापेक्ष 102 की ही आनलाइन फीडिंग को उन्होंने काफी निराशाजनक बताते हुए तेजी लाने के निर्देश दिए। पीएफपीआई योजना के अंतर्गत आगामी योजना में अल्ट्रासाउंड मशीन, कलर डाप्लर, डिजिटल एक्सरे मशीन व एमआरआई मशीन हेतु प्रस्ताव स्वीकार किये गए। साथ ही आवश्यकता वाले स्थानों पर उपकरण उपलब्ध करानेे के निर्देश दिए। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन, इंटीग्रेटिड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम आदि की भी समीक्षा की गई। इस मौके पर सीडीओ अनुज कुमार झा, सीएमओ डा. विनोद यादव, सीएमएस डा. वीवी आर्या, सीएमएस महिला अस्पताल डा. अमिता माथुर, डा. ए के त्रिपाठी, डा. आर एस वर्मा, डीपीआरओ के के सिंह आदि अफसर मौजूद रहे।