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साथियों ने ही ली थी नरेन्द्र की जान

Tue, 31 Jul 2012 12:00 PM IST
Jhansi
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झांसी। करीब एक वर्ष पूर्व महोबा में हुई बैटरी चोरी के मामले में पुलिस के समक्ष साथियों के नाम का खुलासा करना नरेन्द्र उर्फ पप्पू की मौत का कारण बन गया। नाम उगले जाने से क्षुब्ध साथियों ने साजिश रच कर उसे घर से बुलाया, जम कर शराब पिलाई और फिर गमछा से गला घोंट दिया। इस दौरान उसके सिर पर बीयर की बोतल से भी कई प्रहार किए। बाद में उसकी मौत सुनिश्चित करने व हत्या को हादसे की शक्ल देने के लिए उसी की बोलेरो से कुचल दिया। पुलिस ने एक सप्ताह के अंदर इस अंधे कत्ल का खुलासा कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके तीन अन्य साथियों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
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जानकारी के मुताबिक, टैक्सी के रूप में बोलेरो (यूपी 93 टी 0292) चलाने वाले मऊरानीपुर थानांतर्गत गांव डिमरौनी निवासी नरेंद्र सिंह चौहान (35) पुत्र गोकरन सिंह चौहान को 20 जुलाई की रात करीब साढ़े सात बजे गरौठा सवारियां ले जाने की बुकिंग का फोन आया। करीब आधा घंटे बाद वह गरौठा जाने की बात कह कर घर से चला गया। रात करीब साढ़े दस बजे उसकी पत्नी ने फोन किया तो उसने रात बारह बजे तक घर आने की बात कही, लेकिन वह पूरी रात नहीं आया। सुबह घरवालों को जानकारी मिली कि उसका शव बड़ा माता मंदिर बाईपास रोड के किनारे खून से लथपथ पड़ा है। उसके गले में गमछा का फंदा लगा था।
इस सनसनीखेज मामले की तफ्तीश में जुटी एसओजी और मऊरानीपुर पुलिस को शनिवार रात उस समय सफलता मिल गई जब उन्होंने मढ़ा मौजा के पास मुख्य हत्यारे को दबोच लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने बताया कि नरेंद्र की हत्या का तानाबाना उसने व उसके तीन अन्य साथियों ने नरेंद्र के 10 जून को चोरी के मामले में जेल से हुई रिहाई के बाद ही बुन लिया था। इसकी वजह यह थी कि छह जून 2011 को महोबा में चुराई गई बैटरी के मामले में पकड़े जाने पर नरेंद्र ने उनके नामों का खुलासा कर दिया था। इसी वजह से उन्हें जेल की हवा खानी पड़ी। उसने बताया कि चूंकि नरेंद्र टैक्सी के रूप में बोलेरो चलाता था, इसलिए उसने फोन पर गरौठा की पार्टी को बुकिंग पर ले जाने का बहाना देकर उसे बुलाया। जब वह करीब साढ़े आठ बजे सवारी लेने आया तो मजाक की बात कहते हुए पार्टी करने की प्लानिंग बनाई। इसके बाद वे बोलेरो में सवार हुए और उसी में घूमते हुए खूब शराब पी। जब उन्होंने देखा कि नरेंद्र नशे में हो गया है, तो उन्होंने पीछे से गमछा का फंदा बांधकर गला घोंट कर उसे मार डाला। उसके सिर पर बीयर की बोतल से भी प्रहार किया। इस बीच आसपास से चौपहिया वाहन गुजरे तो उन्हें पुलिस के वाहन होने की आशंका भी हुई। बाद में हादसे का रूप देने के लिए लाश को बोलेरो से कुचल डाला और फिर नजदीक के गड्ढे में फेंक कर वहां से भाग निकले।
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इस ब्लाइंड मर्डर के खुलासे में जुटी पुलिस को सही दिशा मृतक के पिता से बातचीत के दौरान मिली। सूत्र बताते हैं कि पुलिस जब परिजनों से पूछताछ करने घर पहुंची तो पिता ने नरेंद्र के बाद जेल से रिहा होकर आए युवक की एक दिन कही गई बात बताई, जिसमें उसने नरेंद्र से कहा था कि तुमने हमलोगों का नाम बताकर अच्छा नहीं किया। इसके बाद पुलिस ने तलाश करते हुए शनिवार रात उसे दबोच लिया।


मऊरानीपुर में नरेंद्र ब्लाइंड मर्डर का लगभग खुलासा हो चुका है। एक आरोपी को दबोच लिया गया है। वारदात में शामिल तीन अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द उन्हें भी दबोच लिया जाएगा।
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- डा. के. एजिलरसन, एसएसपी
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