चिकित्सकों ने 2.30 करोड़ की अतिरिक्त आय स्वीकारी
झांसी। आयकर विभाग की पांच टीमें मेडिकल कॉलेज स्थित तीन निजी अस्पतालों व उनसे जुड़ी दो संस्थाओं का सर्र्वे बुधवार की दोपहर पूरा कर सकीं। अस्पताल संचालकों ने 2.30 करोड़ की अतिरिक्त आय स्वीकार कर ली है। इस आय पर उनको 31 मार्च तक 60 लाख रुपये टैक्स देना होगा।
आयकर विभाग की पांच टीमों ने मंगलवार की दोपहर प्रधान आयकर आयुक्त जयंत मिश्र के निर्देशन व अपर आयकर आयुक्त टीआर रहमान के पर्यवेक्षण तथा डिप्टी कमिश्नर अरुण कुमार भाटिया के नेतृत्व में मेडिकल कॉलेज स्थित डॉ. आरआर सिंह के राघवेंद्र हास्पिटल उनकी सहयोगी संस्था कनक सीटी स्कैन, डा. प्रमोद गुप्ता के वात्सल्य हास्पिटल और उनकी पत्नी रश्मि गुप्ता के नाम संचालित श्रीहरि मेडिकल स्टोर व डॉ. प्रीति गुप्ता के सेठ लक्ष्मण दास मेमोरियल हास्पिटल का सर्वे किया था।
सर्वे में पता चला कि डा. आरआर सिंह ने राघवेंद्र हास्पिटल प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी संचालित कर रखी है, जिसमें वह और उनकी पत्नी डा. संगीता सिंह डायरेक्टर हैं। इसी तरह डा. प्रमोद गुप्ता ने पत्नी रश्मि गुप्ता के नाम मेडिकल स्टोर का संचालन कर रखा है। अफसरों ने कंप्यूटर, कैश बुक, ट्र्रायल बैलेंस, मरीजों के रजिस्टर व लेजरों की जांच की। पता किया कि इन नर्सिंगहोम में प्रतिदिन कितने मरीज आते हैं? उस हिसाब से कितनी आय हो रही है? कितनी आय को आयकर रिटर्न मेें दिखाया जा रहा है। नर्सिंगहोम के साथ और कौन-कौन से स्रोत जुड़े हैं। साथ ही, आय से संबंधित विभिन्न प्रकार के दस्तावेजों की पड़ताल की। बुधवार की दोपहर सर्वे कार्य पूरा हो सका। इस दौरान तीनों अस्पतालों के संचालकों ने 2.30 करोड़ की अतिरिक्त आय स्वीकार की। इस आय पर उनको 60 लाख रुपये टैक्स 31 मार्च तक जमा करना होगा। जांच टीम में आयकर अधिकारी एसपी सिंह, राहुल कुमार दीक्षित, मनोज पांडे, लक्ष्मी मंगतानी, आरएन वर्मा, सुनील कुमार द्विवेदी, निरीक्षक वासुदेव तिवारी, प्रदीप सिंह, वीरेश कुमार, अरुण तिवारी, सुभाष गंधी आदि शामिल रहे।
55 करोड़ लक्ष्य हासिल
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने झांसी-ललितपुर परिक्षेत्र को 2018- 19 में 113 करोड़ का लक्ष्य दिया था। अभी तक 55 करोड़ रुपये हासिल हो चुके हैं। बाकी लक्ष्य 10 दिन में पूरा करना है।