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संशोधित-डॉक्टर के आवास पर क्वालिटी मैनेजर का कब्जा-Cordination

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डॉक्टर के आवास पर क्वालिटी मेंनेजर का कब्जा
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झांसी। जिला महिला चिकित्सालय में अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते डॉक्टरों के लिए बने सरकारी आवास पर अस्पताल के क्वालिटी मैनेजर दो साल साल से कब्जा किये हुए हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग में क्वालिटी मैनेजर को आवास देने को कोई भी प्रावधान नहीं है।
अस्पताल की कायाकल्प योजना को सही दिशा देने के लिए वर्ष 2016 में महिला अस्पताल में एनएचएम की ओर से क्वालिटी मैनेजर को नियुक्त किया गया था। अस्पताल में साफ-सफाई, दवा की उपलब्धता, मरीजों की सुविधा के साथ होने वाले स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिये महिला अस्पताल में क्वालिटी मैनेजर गौरव सक्सैना को नियुक्त किया गया था। विभाग की ओर से संविदा कर्मचारी के रूप में इनको रखा गया था। जिनको मानदेय के रूप में लगभग चालीस हजार रुपये दिये जाने के साथ आवास की कोई सुविधा नही देने का प्रावधान है। लेकिन महिला अस्पताल परिसर में डॉक्टर के लिए बने सरकारी आवास (टाइप टू) पर लगभग दो साल से क्वालिटी मैनेजर गौरव सक्सेना कब्जा जमाए हुए हैं। जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है। हैरत की बात यह है कि कई बार अस्पताल के कर्मचारी अधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से अवगत करा चुके हैं लेकिन मैनेजर के रसूख के चलते कार्यवाही नही की जा सकी है। सूत्रों ने बताया कि अस्पताल में क्वालिटी मैनेजर के दबदबे के चलते कोई भी कर्मचारी शिकायत करने से डरता है। यदि दो साल से आवास का किराया वसूला गया तो लाखों रुपये सरकार के खाते में जमा हो सकते हैं। लेकिन विभाग कोई कार्यवाही करने से बच रहा है।
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पूर्व में रहे सीएमएस के समय से ही क्वालिटी मैनेजर निवास कर रहे हैं। किस आधार पर आवास को आवंटित किया गया था। इस की जांच कराई जाएगी। गलत पाए जाने पर नियमानुसार कार्यवाही होगी।
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डॉ. वसुधा अग्रवाल, प्रभारी सीएमएस

डॉक्टर के आवास में संविदा कर्मचारी के रहने का कोई नियम नही है। मामला संज्ञान में आया है पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। दोषी पर वैधानिक रूप से कार्यवाही की जाएगी।
डॉ. एसबी मिश्रा, अपर निदेशक स्वास्थ्य
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