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तलैया का नाला है या नाली-Cordination

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तलैया में हवेली का नाला बन गया नाली
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झांसी। वार्ड 47 तलैया में हवेली का नाला मोहल्लेवालों के लिए मुसीबत बन गया है। एक तो चारों ओर मकान बन जाने से पूरा नाला अतिक्रमण की चपेट में है, जिससे नाला है या नाली इसका फर्क समझ में नहीं आ रहा है। दूसरे, नगर निगम ने नाले की रिपेयरिंग कराई थी, लेकिन ठेकेदार ने मनमर्जी से काम किया और नाले का ढाल दोनों ओर ऊंचा व बीच में गहरा कर दिया। इस कारण गंदा पानी भर रहा है। पीड़ित ने समस्या का समाधान नहीं होने पर एक बार फिर तहसील समाधान दिवस में शिकायत की है।
यह नाला 50 साल से बह रहा है, लेकिन देखरेख नहीं होने के कारण नाले के किनारे रहने वालों ने उसी पर मकान बना लिए। अब नाला दस फिट से सिमटकर बमुश्किल तीन फिट रह गया है। इतना ही नहीं, नाला घुमावदार है और मकानों का कब्जा हो जाने के कारण पता ही नहीं चलता है कि नाला है या नाली। बरसात में यह नाला मकानों के लिए मुसीबत साबित हो रहा है। पानी की उचित निकासी नहीं होने के कारण पूरे क्षेत्र में जलभराव हो जाता है। जलभराव की समस्या से परेशान तलैया निवासी रामगुलाम ने तहसील दिवस में शिकायत की।
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तीन जून 2014 से तहसील दिवस में नियमित शिकायत करने के बाद 13 जून 2018 को शिकायत का समाधान कराया गया। नगर निगम ने मकानों के पीछे नाले का निर्माण कराया। शिकायतकर्ता खुश थे कि चलो चार साल बाद ही सही शिकायत का समाधान हो गया, लेकिन उन्हें क्या पता था कि समस्या समाधान होने की जगह और बढ़ जाएगी। नगर निगम के जिम्मेदार अवर अभियंता ने मौके का मुआयना नहीं किया, जिससे ठेकेदार के कारीगरों ने नाले के दोनों ओर ऊंचाई और बीच में गहराई कर दी। अब बरसात में जलभराव होने से आसपास के चार मकानों में सीलन आ गई है।

एमएलसी व विधायक लिख चुके हैं चिट्ठियां
समस्या के समाधान के लिए एलएलसी रमा निरंजन ने दो बार नगर आयुक्त को चिट्ठियां लिखीं तथा एक बार विधायक रवि शर्मा ने भी उचित कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा, लेकिन समाधान आज तक नहीं हुआ। यह चिट्ठियां एमएलसी ने तीन सितंबर 2016, तीन जुलाई 2017 और विधायक ने नौ अगस्त 2017 को लिखी थीं।

सवा लाख में बनाया तीन फिट चौड़ा नाला
बार- बार शिकायत करने के बाद नगर निगम ने नाला निर्माण कराने के लिए इसका टेंडर निकाला और सवा लाख रुपये में तीन फिट चौड़ा व 40 फिट लंबा नाला बनाया। नाले को नाली कहें या मकान का पानी निकालने के लिए बनाई गई व्यवस्था कहें, नाला देखने के बाद समझ में नहीं आता है कि यह वास्तव में नाला है।
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सफाई कर्मचारियों ने किया काम
पीड़ित रामगुलाम ने बताया कि नाले के निर्माण के दौरान सफाई कर्मचारियों से काम कराया जाता था। बार-बार कहने के बाद भी न तो उनकी बात सुनी गई और न स्लोब बनाने की ओर ध्यान दिया गया।

सही कराएंगे
नाले का स्लोब गलत बन गया है। इसकी जानकारी मिली है। बरसात होने के कारण काम रुका था। अवर अभियंता से बात हो चुकी है, जल्द काम शुरू कराएंगे।
- नीरज गुप्ता, पार्षद

मौका मुआयना करेंगे
यदि नाले का स्लोब गलत बन गया है तो उसे सही कराएंगे। जल्द मौके का मुआयना करेंगे, यदि नाले पर अतिक्रमण है तो उसे भी हटाने की प्रक्रिया शुरू कराएंगे।
- एलएन सिंह, मुख्य अभियंता
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