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आयुर्वेदिक कॉलेज को मिली मान्यता
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- सत्र 2018-19 के लिए सीसीआईएम ने दी हरी झंडी
- पिछले चार सालों में तीन बार निरस्त की जा चुकी है
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज को नए सत्र की मान्यता मिल गई है। केंद्रीय आयुष चिकित्सा परिषद (सीसीआईएम) ने लगभग सभी मानक पूरे मिलने पर मान्यता को हरी झंडी दिखा दी। पिछले चार सत्रों में तीन बार कॉलेज की मान्यता निरस्त की जा चुकी है।
आयुर्वेदिक कॉलेजों को सीसीआईएम द्वारा मान्यता दी जाती है। बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज की मान्यता पर हर साल संकट मंडराता रहता है। मान्यता मानक पूरे नहीं मिलने पर पिछले चार सालों में सीसीआईएम कॉलेज की सत्र 2014-15, 2015-16, 2017-18 की मान्यता निरस्त कर चुका है। सिर्फ सत्र 2016-17 के बीएएमएस बैच के लिए ही मान्यता मिली थी। इसी बैच के विद्यार्थी ही अभी कॉलेज में पढ़ रहे हैं। मौजूदा सत्र 2018-19 की मान्यता के लिए कॉलेज ने आवेदन किया था। सीसीआईएम की टीम ने कॉलेज का निरीक्षण कर मानकों को परखा। आखिरी बार मई में सीसीआईएम की दो सदस्यीय टीम ने कॉलेज में बने अस्पताल, छात्रावास, प्रशासनिक भवन आदि का निरीक्षण किया था। मानक पूरे मिलने पर सीसीआईएम ने कॉलेज को सत्र 2018-19 की मान्यता दे दी है।
जल्द शुरू होगी काउंसिलिंग
कॉलेज में स्नातक बीएएमएस कोर्स चल रहा है। नीट के जरिए कॉलेज की सीटें भरी जाती हैं। अब जल्द ही नीट में चयनित बच्चों की काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू होगी। काउंसिलिंग के आधार पर कॉलेज की सीटें भरी जाएंगी।
कॉलेज एक नजर में
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कोर्स: बीएएमएस (स्नातक)
अवधि: चार साल
सीट: 40
फीस: 14500 (सामान्य), 11500 (एससी/एसटी)
सभी मानक पूरे मिले
सीसीआईएम के मानक अनुसार कॉलेज में 10 विभागों में 13 हायर फैकल्टी होनी चाहिए, जो कि पूरी हैं। इसके अलावा लाइब्रेरी में 12 हजार से अधिक पुस्तकें, ऑडिटोरियम समेत सभी मानक पूरे मिलने पर सीसीआईएम ने झांसी आयुर्वेदिक कॉलेज को सत्र 2018-19 की मान्यता दे दी है।
- प्रो. सुरेश चंद्र, निदेशक आयुर्वेद पाठ्यक्रम मूल्यांकन।