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आयुर्वेदिक कॉलेज: 150 प्रकार की दवाएं मिलेंगी-City

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आयुर्वेदिक कॉलेज में मिलेंगी 150 प्रकार की दवाएं
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झांसी। बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में जल्द ही मरीजों को 150 प्रकार की दवाएं मिलने लगेंगी। कॉलेज के चिकित्सालय के लिए शासन से छह लाख रुपये दवाओं का बजट मिल गया है। जल्द ही दवाओं की खरीद की जाएगी।
आयुर्वेदिक कॉलेज ने शासन को दवाओं के लिए बीस लाख रुपये के बजट का प्रस्ताव बनाकर भेजा था। कॉलेज प्रशासन का मत था कि यदि इतना बजट मिल जाता है, तो चिकित्सालय आने वाले सभी मरीजों को नि:शुल्क दवाएं मिल सकेंगी। शासन ने पहली किस्त के रूप में छह लाख रुपये का बजट दे दिया है। कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुरेश चंद्रा ने बजट मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि अभी तक सिर्फ 57 प्रकार की दवाएं ही खरीदी जाती थीं, लेकिन शासन ने दवाओं की संख्या बढ़ाकर 150 कर दी है। ऐसे में इस बार के बजट से ज्यादा दवाएं अस्पताल के लिए खरीदी जा सकेंगी।
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ओपीडी में आते हैं डेढ़ सौ मरीज
आयुर्वेदिक कॉलेज के चिकित्सालय में सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ओपीडी होती है। चिकित्सालय में शरीर क्रिया, काय चिकित्सा, पंचकर्मा, शल्य, स्वस्थवृत, शालाक्य, स्त्री प्रसूति, बाल रोग आदि विभागों में मरीज का इलाज होता है। प्रतिदिन लगभग डेढ़ सौ मरीज ओपीडी में चिकित्सीय परीक्षण कराने आते हैं। अस्पताल में 60 बेड हैं। जरूरत पड़ने पर मरीज को भर्ती किया जाता है।


मरीज ने बयां किया दर्द
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बाहर से खरीदते महंगी दवाएं
चिकित्सालय में इलाज तो ठीक होता है, कुछ दवाएं भी मिल जाती हैं। इसके अलावा बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ती हैं। इससे जेब पर भार पड़ता हैं। - मनमोहन सिंह, सिविल लाइन।
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सभी दवा नहीं मिल पातीं
आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से बीमारी जड़ से खत्म होती है। इसलिए यहां आते हैं लेकिन दवाएं पूरी नहीं मिलने से समस्या होती है। - सुनील कुमार, मिशन कंपाउंड

सिर्फ डॉक्टरी परीक्षण होता
चिकित्सालय में सिर्फ डॉक्टरी परीक्षण होता है। एक-दो को छोड़कर अधिकतर दवाएं बाहर से ही खरीदनी पड़ती हैं। - अहसान, नंदनपुरा

खूब पैसे हो रहे हैं खर्च
त्वचा की समस्या को लेकर अस्पताल में इलाज करा रही हूं। हर बार बाहर से दवाएं खरीदने पर खूब पैसे खर्च होते हैं। - रंजन, तिलयानी बजरिया
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