टैग - चुनाव - मुद्दा
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चर्चा आम, न्यू रोड पर लगता जाम
- अब तक अतिक्रमण हटाने के नहीं किए गए प्रयास
- महापौर पद के प्रत्याशियों से मतदाता पूछेंगे स्थायी समाधान
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
मिनर्वा चौराहा से पुराने बस स्टैंड की ओर जाने वाले न्यू रोड पर दिन में हर आधे घंटे में जाम लगता है, इससे आने-जाने वाले जाम में फंस जाते हैं। कई बार तो जाम पांच से दस मिनट में खुल जाता है, लेकिन कई बार जाम आधा घंटे तक लगा रहता है। यह समस्या आज की नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी है। इससे दुकानदार परेशान हैं। महापौर के चुनाव में अब यहां के मतदाताओं ने निर्णय लिया है कि जो भी प्रत्याशी आएगा, उससे समस्या के स्थायी समाधान का वायदा कराएंगे।
न्यू रोड का मार्केट किसानों का बाजार कहलाता है। यहां पर डीजल इंजन, सिंचाई के पाइप, छोटे पंप, हैंडपंप और खराद मशीन का कारोबार होता है। नवंबर और दिसंबर के महीने में यहां ग्राहकों की भीड़ अधिक रहती है। पहले यही ग्राहक बैलगाड़ी लेकर आते थे। इस कारण सड़क के किनारे बैलगाड़ियां खड़ी रहती थीं और ट्रैफिक का लोड कम था। अब ट्रैफिक बढ़ गया है। बैलगाड़ियों की जगह ट्रैक्टरों ने ले ली है। इस कारण यहां पर ट्रैक्टर भी खूब आते हैं। रोड पर पार्किंग के लिए कहीं जगह नहीं है। ग्राहक अपनी बाइक, स्कूटर और कारें सड़क किनारे खड़ी कर देते हैं।
दिन भर होता है एनाउंसमेंट
न्यू रोड व्यापार मंडल द्वारा लाउडस्पीकर से दिन भी एनाउंसमेंट किया जाता है कि सड़क किनारे ज्यादा देर तक गाड़ियां खड़ी न करें। भारी वाहन एंट्री न करें। यदि आपकी गाड़ियां ज्यादा देर खड़ी रहीं तो ट्रैफिक पुलिस गाड़ी उठा ले जाएगी। इससे सड़क पर गाड़ियां खड़ी करने वाले ज्यादा देर नहीं रुकते हैं, लेकिन जितनी देर रुकते हैं। उससे तो जाम लग ही जाता है।
जनप्रतिनिधियों ने नहीं दिया ध्यान
न्यू रोड पर दिन में कई बार जाम लगता है, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। स्मार्ट सिटी बन जाने के बाद भी अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम के पास कोई योजना नहीं है। इस कारण यहां के दुकानदारों में रोष है। महापौर के चुनाव में दुकानदार प्रत्याशियों से अतिक्रमण और पार्किंग स्थल बनाने का वायदा करा लेंगे, इसके बाद ही वोट देंगे।
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तीन ओर से घिरा है न्यू रोड
न्यू रोड ऐसा क्षेत्र है जो बीच शहर में होने के बाद भी पुरातत्व विभाग, छावनी परिषद और एमईओ भोपाल से घिरा है। इस कारण यहां पार्किंग के लिए जगह नहीं है। यदि नगर निगम व यहां के जनप्रतिनिधि इस बारे में सोचें तथा गंभीरता से पार्किंग की समस्या हल करें तो समाधान हो सकता है। पुरातत्व विभाग और छावनी परिषद की काफी जमीन है, यदि समझौता हो जाए तो पार्किंग बन सकती है।
- अशोक जैन
जिलाध्यक्ष, उप्र उद्योग व्यापार मंडल
विधायक प्रतिनिधि
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तीस साल से ऐसा ही देख रहे
तीस साल से ज्यादा समय हो गया, लेकिन यहां पर अतिक्रमण की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। दुकानदार सामान रख लेते हैं, जिससे दूसरे लोगों को खड़े होने की जगह तक नहीं रहती है। यदि दुकानदार सामान सड़क तक न फैलाएं तो अतिक्रमण नहीं होगा।
- वसंत लाल यादव
नगर निगम वाले दुकानें नहीं हटवाते
नगर निगम वाले आते हैं और चेतावनी देकर चले जाते हैं। यदि दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करें तो हो सकता है कि अतिक्रमण न हो। यदि नाली के अंदर तक की सीमा निर्धारित कर दी जाए तो सड़क पर किसी को आने-जाने में परेशानी नहीं होगी।
- सुरेश चंद्र
नालियों की सफाई नहीं होती
न्यू रोड पर इतना अतिक्रमण है कि नालियों की सफाई तक नहीं हो पाती है। इस कारण अक्सर नालियां सड़क पर बहने लगती हैं। कुछ व्यापारी नेता ठेकेदार बन गए हैं। उनके इशारे पर कुछ दुकानदार ही अतिक्रमण कर रहे हैं।
- रामगोपाल गुप्ता
सीजन में ज्यादा दिक्कत
अभी किसानों की खरीदारी का सीजन चल रहा है, इसलिए ज्यादा अतिक्रमण हो रहा है। दो महीने के बाद ग्राहकी कम हो जाती है जिससे अतिक्रमण भी कम रहता है। अभी ग्राहक ट्रैक्टर से आ रहे हैं, उन्हीं का अतिक्रमण है।
- कैलाश वर्मा
भारी वाहनों के लिए नो एंट्री हो
न्यू रोड पर ट्रकों के लिए नो एंट्री होनी चाहिए। यदि इस ओर ध्यान दिया जाए तो जाम की समस्या हल हो जाएगी। चुनाव में अतिक्रमण के मुद्दे पर प्रत्याशियों से वायदा कराएंगे, इसके बाद ही वोट देंगे।
- विकास गुप्ता