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मौन क्रांति ने किया गरीबों का भला: डा. दिनेश
- ई-टेंडरिंग व आरटीजीएस भुगतान से भ्रष्टाचार रुका
- जर्मनी व जापान ने माना भारत बन रहा है सुपर पावर
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
स्वच्छता ग्राही सेमिनार में उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री की मौन क्रांति ने गरीबों का भला किया है। जो लोग ताने मार रहे हैं कि किसके खाते में पैसा आया, उनके लिए यह बताना जरूरी है कि ई-टेंडरिंग लागू होने, सभी काम ऑनलाइन होने व किसानाें को आरटीजीएस के माध्यम से पैसे का भुगतान होने से भ्रष्टाचार पर अंकुश लग गया है।
रविवार को नगर निगम सभागार में उन्होंने कहा कि स्टार्ट अप और मेक इन इंडिया अभियान से बहुत बड़ा सामाजिक परिवर्तन आया है। अब भ्रष्टाचार की बातें बंद हो गई हैं। किसानों के खाते में लाखों रुपये पहुंच गए और विकास कार्य के लिए धन की कमी नहीं हुई, यह सब केवल भ्रष्टाचार पर रोक लगाने से ही संभव हुआ है। गुजरात में दादा-बाबा के नाम पर पेड़ लगाने की परंपरा है। श्राद्ध पक्ष में उसी पेड़ के नीचे भोजन किया जाता है। इस बहाने पर्यावरण को संरक्षण मिलता है। यह परंपरा प्रदेश में डालने की जरूरत है, ताकि ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाए जा सकें।
भारत देश विश्व गुरु के पद पर आसीन था, लेकिन पुराना वैभव खो गया है। जब से प्रधानमंत्री ने कुर्सी संभाली है, तब से देश फिर से विश्व गुरु बनने की राह पर है। अब अमेरिका, जापान व जर्मनी जैसे देश भी मानने लगे हैं कि भारत सुपर पावर बन रहा है। मौन क्रांति के दौरान प्रधानमंत्री ने नोटबंदी की। जीएसटी लागू किया, जनधन योजना में गरीबों के निशुल्क बैंक खाते खुलवाए, इससे गरीबों को ज्यादा से ज्यादा फायदा मिला है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री का जन्म दिन है। इसलिए हम सभी शपथ लें कि स्वच्छता ही सेवा है। नागरिकों को शहर में गंदगी से जूझना पड़ता है। इसलिए स्वच्छता के माध्यम से ऐसा वातावरण तैयार करें कि आसपास गंदगी नजर न आए। अपने मकानों के सामने झाड़ू लगाएं। स्वच्छता अभियान 02 अक्तूबर तक चलेगा।