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‘दूसरे केंद्रों पर होगी बोर्ड परीक्षा’
- प्राइमरी पाठ्यक्रम में बदलाव होगा व 166 मॉडल स्कूल बनेंगे
- उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने कहा, परीक्षाओं में नहीं होगी नकल
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राथमिक शिक्षा में कुछ परिवर्तन करने जा रही है। पाठ्यक्रम में बदलाव होगा। बोर्ड परीक्षा दूसरे सेंटरों पर कराई जाएगी, जिससे नकल रुकेगी। प्रदेश में पं. दीनदयाल उपाध्याय के नाम से 166 नए मॉडल स्कूल बनाए जाएंगे, इससे विद्यालयों में शिक्षा का स्तर सुधरेगा। विभागों में कर्मचारियों की कमी है, योजनाओं की प्रगति प्रभावित हो रही है। इसीलिए सभी विभागों से कर्मचारियों की कमी का ब्योरा मांगा गया है। जल्द ही चयन आयोग का गठन कर नई भर्तियां की जाएंगी।
नगर निगम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि नकल विहीन परीक्षा कराई जाएगी। सभी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। स्वपरीक्षा केंद्र अपरिहार्य स्थिति में ही बनेंगे। बोर्ड परीक्षा दूसरे केंद्रों पर होगी। परीक्षा केंद्र से दौ सौ मीटर के इर्दगिर्द प्रबंध समिति का कोई व्यक्ति नहीं रह सकेगा। सब इंस्पेक्टर व जिला विद्यालय निरीक्षक को सेक्टर इंचार्ज बनाया जाएगा, जो परीक्षा की मानीटरिंग करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि समस्या हल नहीं हो रही है तो कार्यकर्ता अथवा आमजन केवल सोमवार को लखनऊ जाकर समस्या बताएं। सुबह 10.30 बजे से 03 बजे तक समस्याएं सुनी जाएंगी। मंगलवार को जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। सभी मंत्री कार्यालय में बैठकर काम करेंगे। बेवजह की भीड़ नहीं लगाएंगे। काम में पारदर्शिता लाने के लिए सचिवालय को आनलाइन किया जा रहा है। इसमें किसी भी विभाग, योजना अथवा अन्य कोई भी फाइल पहले स्कैन कर कंप्यूटराइज्ड की जाएगी, ताकि फाइल गायब न हो सके। संबंधित मंत्री के पोर्टल पर फाइल शो करेगी, यदि मंत्री उसमें कोई परिवर्तन अथवा संशोधन करना चाहेंगे तो ऑनलाइन ही कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए थे कि सभी अपराधों की एफआईआर दर्ज की जाए, क्योंकि इससे पहले बहुत से अपराध तो दर्ज होते ही नहीं थे। प्रदेश में 20 दिन में अपराधों में कमी आई है। अपराधियों को जेल पहुंचाया जा रहा है व उनका एनकाउंटर किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अपराध पर संतोषजनक कंट्रोल है।
अधूरी योजनाओं का ब्योरा दर्ज हो रहा
उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने कहा कि शासन की बहुत सी विकास योजनाएं अधूरी पड़ी हैं। इस कारण विकास का पर्याप्त लाभ आमजन को नहीं मिल पा रहा है। केंद्र सरकार ‘प्रगति’ पोर्टल तैयार कर रही है, जल्द ही इसमें सभी अधूरी योजनाओं को अपलोड किया जाएगा और समय-समय पर इनकी मानीटरिंग होंगी, ताकि योजनाओं को समय पर पूरा किया जा सके।