अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी मंडल में दीनी तालीम की आड़ में चल रहे नौ मदरसे एटीएस और एनआईए के रडार पर हैं। इन मदरसों से संचालित होने वाली तमाम गतिविधियों पर दोनों एजेंसियां नजर रखी हुई हैं। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसियों के हाथ कई अहम सुराग भी लगे हैं। ऐसे में झांसी में जल्द दोबारा छापे की कार्रवाई हो सकती है।
दरअसल, यह सारा मामला पिछले कुछ माह के दौरान झांसी और कानपुर मंडल में ट्रेनों को पलटाने की साजिश से जुड़ा है। एटीएस को छानबीन में मालूम चला कि दीनी तालीम की आड़ में विदेशों से मोटी रकम दी जा रही है। अधिकांश पैसा मदरसा समेत ऑनलाइन कोर्स चलाने वालों को दिया जा रहा है। आशंका जताई जा रही कि इस पैसे का इस्तेमाल युवाओं का ब्रेनवॉश करके उनको कट्टरपंथी बनाने में हो रहा है।
झांसी मंडल में मदरसों को मिलने वाले पैसों का पूरा हिसाब-किताब खंगाला जा रहा है। किन-किन देशों से पैसा यहां तक पहुंच रहा है, इसकी पड़ताल हो रही है। सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसियों के रडार पर खास तौर से मंडल के नौ मदरसों हैं। इनके लोकल कनेक्शन तलाशे जा रहे हैं। बता दें, सूबे के अन्य हिस्सों में भी एटीएस और एनआईए विदेश से आने वाले पैसों का कनेक्शन तलाश रही है। दीनी तालीम में इतनी मोटी रकम के इस्तेमाल को लेकर भी एजेंसियों के कान खड़े हैं। एनआईए और एटीएस ने देवबंद एवं बरेली में भी छानबीन की थी।