झांसी। कोरोना काल में होटल में रहे महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और कर्मचारियों के खाने और किराए के खर्च की जांच शुरू हो गई है। करीब छह महीने में आए 84 लाख रुपये के बिल का भुगतान कराने की मांग जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने की थी। इस पर डीएम ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
कोरोना काल में ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों, कर्मचारियों को 14-14 दिनों के लिए होटलों में क्वारंटीन किया गया था। चिकित्सक व कर्मी ड्यूटी करने के बाद घर जाने के बजाए होटल में ही ठहरते थे। वहीं पर वह भोजन करते थे। ये व्यवस्था इसलिए की गई थी कि कोविड के दौरान अस्पताल में ड्यूटी करने वाला स्टाफ संक्रमित होता है तो महामारी उनके परिजनों में न फैले। बताया गया कि कुछ समय पहले हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की तरफ से होटल के बकाए के भुगतान का मामला रखा गया। इसमें एक जनवरी से चार फरवरी 2021 का करीब 46 लाख और 23 अप्रैल से 22 जुलाई का लगभग 38 लाख रुपये बकाया का भुगतान कराने की मांग की गई। मामला सामने आने के बाद डीएम ने बिलों का सत्यापन कराने के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। बताया गया कि एक सप्ताह पहले तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन हो गया है। अब समिति शासनादेश, कितने चिकित्सक, कर्मचारी ठहरे, किराए व खानपान की दरों आदि का सत्यापन कर रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर ही फैसला होगा कि भुगतान किया जाएगा या नहीं।