फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हैंडपंपों की खटर-खटर बढ़ी

विज्ञापन
विज्ञापन
हैंडपंपों की खटर-खटर बढ़ी
विज्ञापन

झांसी।
गर्मी की दस्तक के साथ पेयजल की किल्लत शुरू हो गई है। जल संकटग्रस्त क्षेत्रों में लगे हैंडपंपों पर खटर- खटर बढ़ गई है। जिन क्षेत्रों में पाइप लाइन से जलापूर्ति होती है, वहां भी वक्त घटना शुरू हो गया है। कई क्षेत्रों में तो पाइप लाइन के अंतिम छोर तक पानी ही नहीं पहुंच पा रहा है।
जल निगम द्वारा बबीना जल शोधन संयंत्र से दिया जाने वाला सत्तर एमएलडी पानी महानगर में सबसे पहले नगरा एवं पुलिया नंबर नौ जोन में पहुंचता है, इसके बाद तालपुरा जोन, सागर गेट जोन और पुराना मोटर स्टैंड जोन और फिर खातीबाबा, सीपरी, मसीहागंज, सिविल लाइन, आयुर्वेदिक कॉलेज व खंडेराव गेट जोन तक पहुंचता है। इसके अलावा जल संस्थान द्वारा पहूज बांध से दस एमएलडी कच्चा पानी प्राप्त कर बाहर दतिया गेट स्थित जलकल संस्थान में शुद्धीकरण के बाद नरसिंह राव टौरिया व दरीगरान जोन को उपलब्ध कराया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हर साल की तरह महानगर के कई क्षेत्रों के लोगों के सामने जल संकट की समस्या फिर खड़ी होने लगी है। इनमें सबसे प्रभावित तालपुरा जोन से जुड़ा तालपुरा, हैवट मार्केट, कसाई मंडी, शिवाजी नगर, बड़ागांव गेट बाहर नारायण बाग चौराहे तक का क्षेत्र है। मास्टर कॉलोनी, वर्मा कॉलोनी, मद्रासी कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, अन्न पूर्णा कॉलोनी व शिवाजी नगर के अंतिम छोर तक पानी पहुंच नहीं पाता है। इधर, मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में स्थित गुमनावारा, वीरांगना नगर, महाराणा प्रताप नगर, करगुवां, वकील कॉलोनी आदि क्षेत्र के लोग पाइप लाइन न होने के कारण हैंडपंप व बोरिंग पर निर्भर हैं। इन क्षेत्रों में जलस्तर गिरना शुरू हो गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें