होली पर झांसी से गुजरने वाली सभी ट्रेनों में आरक्षण पूरा हो गया है। त्योहार पर यहां से अन्यत्र जाने वाले यात्रियों के लिए अब सिर्फ तत्काल टिकट का ही भरोसा है। गोवा और शिर्डी जाने के लिए सीट नहीं मिल रही है।
अनेक परिवारों ने होली पर अपना कार्यक्रम 19 से 23 मार्च बना रखा है। लोग गोवा, शिमला, वैष्णो देवी, शिर्डी, हरिद्वार व तिरुपति बालाजी जाना चाहते हैं। यही कारण है कि इन तीर्थ स्थलोें की तरफ जाने वाली अधिकांश ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। दो दिन पहले और तीन दिन बाद का आरक्षण नहीं मिल पा रहा है। वेटिंग का टिकट भी नहीं मिल पा रहा है। इन हालातों के चलते अब यात्रियों को एक दिन पहले मिलने वाले तत्काल टिकट आरक्षण पर ही भरोसा है। प्रमुख रूप से ग्वालियर बरौनी मेल, लोकमान्य तिलक गोरखपुर एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस, अंडमान एक्सप्रेस, पंजाब मेल, मालवा एक्सप्रेस, केरला एक्सप्रेस, स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस, आंध्र प्रदेश संपर्क क्रांति, साबरमती एक्सप्रेस, कानपुर बलसाड उद्योग कर्मी एक्सप्रेस, लखनऊ लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, पुष्पक एक्सप्रेस, तुलसी एक्सप्रेस आदि में ज्यादा मारामारी चल रही है।
दो काउंटर कम होने से बढ़ी परेशानी
झांसी रेलवे स्टेशन पर तत्काल आरक्षण के लिए पहले पांच काउंटर थे, मगर एक लिंक सेना को दे दिया गया और एक कर्मचारियों की कमी के कारण बंद कर दिया जाता है। साथ ही एक नंबर काउंटर सांसद, विधायक, पत्रकार, अधिवक्ता, वरिष्ठ नागरिक व महिलाओं के लिए है। इससे बाकी दो काउंटरों पर भीड़ लगी रहती है। यात्रियों को मालूम है कि सुबह दस और ग्यारह बजे तत्काल टिकट प्रक्रिया चालू होने के दो मिनट बाद ही सभी सीटें भर जाती हैं। ऐसे में कर्मचारी चाहे जितनी तेजी से टिकट बनाएं और पैसा लें, लेकिन दो मिनट में तीन या चार से अधिक टिकट नहीं बनाए जा सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति सुबह चार बजे भी लाइन में लगा और चौथे या पांचवें नंबर का टोकन उसे मिला तो भी उसे तत्काल का टिकट मिलने की बहुत कम उम्मीद है। यही कारण है कि लोग तत्काल टिकट पाने के लिए दतिया, बबीना, ओरछा, खजुराहो, टीकमगढ़, छतरपुर में खुले काउंटर पर जाने की तैयारी में हैं।