ये कैसी निगरानी, रेलवे अंडरपास बने ‘नाला’
झांसी।
रेलवे के अंडरपास इसलिए बनाए गए थे, ताकि रेलवे क्रासिंग गेट बंद होने पर वाहन चालकों को गेट खुलने का इंतजार न करना पड़े, लेकिन बरसात में यही अंडरपास ‘नाला’ बनकर राहगीरों के लिए मुसीबत बन गए हैं। आईटीआई सीपरी बाजार और केंद्रीय विद्यालय नंबर एक के पास बने अंडरपास में बरसात के कारण नीचे से पानी का स्रोत फूट पड़ा है, जिससे अंडरपास में लगातार पानी भर रहा है। पंपिंगसेट से भी पानी नहीं निकल पा रहा है। इससे लोग यहां से निकलने के लिए परेशान हो रहे हैं। उधर, रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अंडर पास की बराबर निगरानी हो रही है।
सड़क यातायात की दृष्टि से महानगर में आईटीआई अंडरपास बेहद अहम माना जाता है। यह अंडरपास ग्वालियर रोड मुख्य मार्ग को सीपरी क्षेत्र से सीधा जोड़ता है। इस अंडरपास के ऊपर से स्थित दिल्ली-मुंबई ट्रैक से प्रतिदिन मालगाड़ी समेत करीब 300 ट्रेनें गुजरती हैं। अंडरपास के बनने से आईटीआई से होकर सीपरी बाजार जाने वाले वाहन चालकों को राहत मिल गई। मगर, पिछले कुछ दिनों से इस ब्रिज में पानी भरने की समस्या उत्पन्न हो गई है। बरसात के कारण नीचे से पानी का स्रोत फूट पड़ा है, जिससे अंडरपास में लगातार पानी भर रहा है। पंपिंगसेट से भी पानी नहीं निकल पा रहा है। नगर निगम द्वारा सफाई न कराए जाने के कारण यहां कचरा भी भरा पड़ा है। इससे पंपसेट चलाने में भी परेशानी हो रही है। इससे वाहन चालकों की गाड़ियां यहां फंस रही हैं। कपड़े खराब हो रहे हैं। लोग यहां से निकलते वक्त डरे सहमे रहते हैं।
यही हाल केंद्रीय विद्यालय नंबर एक के पास अंडरपास का बना हुआ है। इस अंडरपास से सिमराहा और आसपास गांव और सैन्य क्षेत्र में रहने वाले लोग सैकड़ों की संख्या में यहां से निकलते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। यहां से निकलते समय उनके कपड़े गंदे हो जाते हैं। इस संबंध में पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि ऐसे सभी अंडरपास पर पंपिंग सेट लगाकर पानी निकाला जा रहा है।
कहीं बन न जाए हादसे का कारण
अंडरपास के ऊपर बनीं पटरियों से लगातार ट्रेनों का संचालन होता है। अंडरपास में पानी का स्रोत फूटने से यहां की मिट्टी कमजोर हो रही है। जरा सी अनदेखी से अंडरपास रेल हादसे का कारण बन सकता है। हालांकि, इस संबंध में पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अंडरपास की लगातार निगरानी होती रहती है।
पटरियों से निकालनी पड़ रही गाड़ी
अंडरपास बनने के बाद क्रासिंग गेट बंद कर दिया गया है। मुझे अंडर पास से कई बार गुजारना पड़ता है। इस कारण पानी ज्यादा होने पर जोखिम उठाकर पटरियों के बीच से गाड़ी को निकालनी पड़ती है। पहले कच्चे रास्ते से दूर तक जाते हैं और सही जगह देखकर पटरी पार करते हैं। इस समस्या का जल्द हल निकलना चाहिए।
विजय शंकर राय, सिमराहा।
एक्टिवा में भरा पानी
मैं सिमराहा में क्लीनिक चलाता हूं। मंगलवार को मैं सदर बाजार जाने के लिए अंडरपास पार कर रहा था, तभी मेरी एक्टिवा गाड़ी में पानी भर गया। इससे वह बंद हो गई। मुश्किल से सदर बाजार पहुंचा, तब कहीं जाकर गाड़ी ठीक हो सकी। अंडरपास बनने के बाद समस्या और बढ़ गई है।
डॉ. अजीत कुमार, सिमराहा।
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नगर निगम की करनी भुगत रहे केेके पुरी कॉलोनी के बाशिंदे
- घरों में घुस रहा नाले का पानी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुधवार की सुबह हुई बरसात से केकेपुरी कॉलोनी के निवासी परेशान रहे, क्योंकि तेज बरसात के कारण नाले का पानी घरों में घुस गया। नगर निगम ने नाला बनाकर अपना पल्ला झाड़ लिया है। अब कॉलोनी वाले जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। स्थिति यह है कि मकानों में पानी भर रहा है, इससे मकान कभी भी जमींदोज हो सकते हैं।
केके पुरी कॉलोनी में पुराने भुसारी फार्म के पास पीरिया रोड नाला है। नाला खोड़नगांव से निकलता है और राजघाट कॉलोनी होते हुए पहूंज नदी में मिलता है। एक तो नाले की नियमित सफाई नहीं होती, दूसरे नाले का निर्माण अनियोजित तरीके से कराया गया है, जिससे पानी कॉलोनी के निवासियों के घरों में भरता है। नाला निर्माण शुरू से ही शक के दायरे में रहा है और मोहल्लेवाले लगातार इसका विरोध करते रहे हैं, क्योंकि नाले की ढाल गलत बनी हुई है। इस कारण नाले का पानी तेज बहाव से नहीं जाता है और पानी आगे जाने की जगह पीछे भरने लगता है। नगर निगम के अफसरों से मोहल्लेवाले लगातार समस्या का समाधान करने की मांग करते रहे, लेकिन समाधान नहीं किया गया। अब स्थिति यह है कि कॉलोनी में कई मकानों में पानी भर रहा है, इससे कोई भी मकान कभी भी भरभरा कर गिर सकता है।
नगर निगम के मुख्य अभियंता एल एन सिंह ने बताया कि अनियोजित तरीके से बने मकानों की वजह से जलभराव हो रहा है। नगर निगम ने जो नाला बनाया है, वह बिलकुल सही है।
पार्षद का करेंगे सामूहिक बहिष्कार
कॉलोनी के निवासियों ने निर्णय लिया है कि पार्षद स्वयं समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नहीं हैं, इसलिए अब उनका सामूहिक बहिष्कार किया जाएगा।