कांवड़ियाें ने किया महाकाल का जलाभिषेक
- बेतवा नदी तट से लाया गया पवित्र जल
- जगह-जगह किया गया यात्रा का स्वागत
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बृहस्पतिवार को ओरछा से चलकर आई कांवड़ यात्रा श्री सिद्धेश्वर मंदिर पहुंची और महाकाल का विधि विधान के साथ जलाभिषेक किया। यात्रा में सैकड़ों कांवड़िये और महिलाएं शामिल रहीं। यात्रा ओरछा से शुरू हुई थी। सभी कांवड़ियों ने बेतवा नदी के घाट से जल भरा और मंदिर के लिए रवाना हुए थे।
ओरछा धाम बेतवा नदी तट से कांवड़ यात्रा विधि विधान से प्रारंभ हुई। निवाड़ी विधायक अनिल जैन, जिलाध्यक्ष अभय यादव ने बेतवा तट से जल भरने के बाद यात्रा को रवाना किया। यात्रा में चार रथ शामिल थे, जिन पर भगवान श्रीराम दरबार और भोलेनाथ विराजमान थे। शाम साढ़े पांच बजे यात्रा झांसी पहुंची। इसके बाद यात्रा कानपुर चुंगी, सदर बाजार, कचहरी चौराहा होते हुए यात्रा इलाइट चौराहे पहुंची। इलाइट चौराहे पर यात्रा स्वागत किया गया। मंच पर पूर्व मंत्री रविंद्र शुक्ल, मेयर रामतीर्थ सिंघल, हरिओम पाठक सहित अन्य मौजूद रहे। संत महात्माओं में महंत विष्णु दत्त स्वामी, बसंत विष्णु गोलवलकर, लल्लन महाराज सहित अन्य का सम्मान हुआ। उसके बाद यात्रा सिद्धेश्वर मंदिर के लिए रवाना हुई।
कांवड़ियों ने भगवान शिव का मंत्रोच्चारण और बम-बम भोले के जयकारों के साथ जलाभिषेक किया। सुरक्षा के लिहाज से चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रही तथा यात्रा को रास्ता देने के लिए कई चौराहों व रास्तों पर यातायात कुछ समय के लिए रोका गया। इस मौके पर भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप सरावगी, मुकेश मिश्रा, दिगंत चतुर्वेदी, अजीत राय, संतराम पेंटर मौजूद रहे। अंत में कांवड़ यात्रा आयोजक संजीव श्रृंगीऋषि और संयोजक हेमंत परिहार ने आभार व्यक्त किया।
मंच पर दिखा भाईचारा
इलाइट चौराहा पर बने मंच पर पहुंचने वाले अतिथियों को पगड़ी बांधने का काम फिरोज ने किया। पांच मिनट में फिरोज ने 25 अतिथियों को पगड़ी बांधी। उन्होंने बताया कि साफा बांधने का काम कई पुश्तों से कर रहे हैं। कई बार धार्मिक व राजनीतिक कार्यक्रमों में पगड़ी बांधने का काम भी कर चुके हैं।