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ढाई साल में जवाब दे गई सुभाषगंज-तिलयानी बजरिया सड़क
जगह-जगह हुए गड्ढों में भरे बारिश के पानी के कारण कीचड़ ही कीचड़
नगर निगम का नहीं ध्यान, परेशान हो रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सुभाषगंज से तिलयानी बजरिया की ओर जाने वाली सड़क की हालत खस्ता हो गई है। यहां से निकलना किसी चुनौती से कम नहीं है, लेकिन इस सड़क की ओर किसी का ध्यान नहीं है। ढाई साल पहले सड़क बनी थी, पर आधा-अधूरा काम होने के कारण स्थिति जस की तस हो गई है।
सुभाषगंज शहर का सबसे बड़ा किराना मार्केट है, यहां दिन भर लोगों का आना-जाना रहता है। यहां से एक रास्ता मोहल्ला तिलयानी बजरिया को जोड़ता है। मार्केट में दिन भर लोगों का आना-जाना रहता है, इसलिए आसपास की सभी सड़कों पर दिन भर वाहनों की आवाजाही रहती है। दिन में कई बार जाम भी लगता है। तिलयानी बजरिया की ओर जाने वाली सड़क की हालत बहुत खराब है। जगह-जगह गड्ढे हो जाने से बरसात में कीचड़ रहता है। इस कारण आने-जाने वालों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
ढाई साल पहले सड़क बनाने का निर्णय हुआ, टेंडर निकाला गया। सड़क को डामर से बनाया जाना था, लेकिन ठेकेदार ने आधा-अधूरा काम किया। सड़क ठीक करने के लिए ठेकेदार को नोटिस दिया गया। तीन बार नोटिस जारी करने के बाद कोई कार्रवाई नहीं होने पर ठेकेदार की सिक्योरिटी मनी जब्त कर ली गई। तब से लेकर अब तक सड़क जस की तस है।
अधिशासी अभियंता एके शर्मा ने बताया कि बरसात के बाद सड़क को दुरुस्त कराएंगे। जहां भी गड्ढे होंगे, उन्हें ठीक कराया जाएगा।
अमर उजाला इंपेक्ट
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पेज दो - तीन अगस्त और सात अगस्त की पीडीएफ
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नारायण बाग सड़क की होगी टीएसी जांच
- नगर आयुक्त ने मंडलायुक्त से मांगी अनुमति
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नारायण बाग रोड पर नंदू कॉलोनी से बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान तक सीसी सड़क निर्माण की मंडलीय तकनीकी ऑडिट कमेटी (टीएसी) से जांच कराने के लिए नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया ने मंडलायुक्त कुमुदलता श्रीवास्तव से अनुमति मांगी है।
‘अमर उजाला’ ने तीन अगस्त के अंक में बननी थी सड़क, बन गई ‘नाला’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें सीसी सड़क की स्थिति बयां की गई थी। खबर छपने पर पूर्व महापौर किरण राजू बुकसेलर ने इसे संज्ञान में लिया और सड़क निर्माण की जांच कराने के लिए महापौर रामतीर्थ सिंघल को पत्र लिखा था। उन्होंने लिखा था कि पूर्व में उन्होंने भी निर्माण की गुणवत्ता खराब पाई थी तथा ठेकेदारों को नोटिस भेजे थे। कार्यकाल समाप्त होने के बाद मामला ठंडा पड़ गया। इसे गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त ने सड़क की टीएसी जांच कराने का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि 25 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया था, ठेकेदार कमलेश कुमार साहू ने 33 प्रतिशत कम रेट का टेंडर डाला और 17.17 लाख रुपये में सड़क निर्माण स्वीकृत किया गया। अभी तक ठेकेदार को 15.48 लाख रुपये ही भुगतान किया गया है। निरीक्षण के दौरान पाया कि सड़क उखड़ गई है। इससे पूर्व संबंधित अवर अभियंता ने भी अपनी रिपोर्ट में सड़क उखड़ने का हवाला दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे पता चलता है कि अवर अभियंता, सहायक अभियंता और अधिशासी अभियंता ने लापरवाही बरती है। सीसी सड़क का एक साल में उखड़ना घटिया निर्माण का प्रतीक है और सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।
उन्होंने कहा कि सड़क से संबंधित एस्टीमेट और मेजरमेंट बुक की कॉपियां मंडलीय तकनीकी ऑडिट कमेटी से जांच कराने के लिए भेज दी गई हैं। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।