फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएफओ ने फिर मारा छापा,-City

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

पीडीएफ भी लगाएं
------------------

सीएफओ ने फिर मारा छापा, बेसमेंट में मिले मरीज
- दो दिन की मोहलत, कई अस्पतालों में नहीं मिला डाउन कमर सिस्टम
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने मंगलवार को भी नर्सिंग होम की जांच की। उन्होंने शंकर हॉस्पिटल पर फिर छापा मारा। पूर्व में दी गई हिदायत के बावजूद दोबारा उन्हें बेसमेंट में मरीज भर्ती मिले। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग करवाने के बाद अस्पताल संचालक को दो दिन में बेसमेंट खाली कराने की चेतावनी दी है। नियमानुसार बेसमेंट मरीज नहीं रखे जा सकते।
मानकों को तार-तार कर अराजक को चुके नर्सिंग होमो के खिलाफ ‘अमर उजाला’ के अभियान छेड़ने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम लगातार जांच कर रही है। जांच में तमाम खामियां सामने आ रही हैं। बड़ी बात यह है कि जान बचाने की जगह पर ही जान से खिलवाड़ हो रहा है। कहीं आग से बचाव के इंतजाम नहीं हैं, तो कहीं बेसमेंट में अस्पताल चल रहे है। बीते शनिवार को जांच में मुख्य अग्निशमन अधिकारी को शंकर हॉस्पिटल में बेसमेंट में कई मरीज भर्ती मिले थे। इस पर उन्होंने तत्काल हटवाने के निर्देश दिए थे। दो दिन बाद सीएफओ ने फिर शंकर हॉस्पिटल की जांच की तो काफी मरीज भर्ती मिले। सीएफओ ने बताया कि बेसमेंट में डॉक्टरों के भी चेंबर बने हुए हैं। बेसमेंट में भर्ती मरीज समेत पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग करवा ली है। अस्पताल को दो दिन में बेसमेंट खाली करने को कहा गया है। दो दिन बाद फिर जांच की जाएगी। इस संबंध में जब अस्पताल के निदेशक डॉ. दीपक गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने पहले कहा कि मरीज हटवा दिए गए हैं। बाद में सीएफओ की जांच का हवाला देकर पूछा तो बोले आधे हट गए हैं। बचे हुए बुधवार तक हट जाएंगे।
विज्ञापन

इसके अलावा अग्निशमन विभाग की टीम ने कान्हा अस्पताल की भी जांच की। यहां डाउन कमर सिस्टम (पाइप लाइन और पानी के पुख्ता इंतजाम) नहीं मिला। हालांकि, सभी छह अग्निशमन यंत्र ठीक मिले। सीएफओ ने बताया कि आशुतोष अस्पताल और सम्मति नर्सिंग होम में अग्निशमन यंत्र एक्सपायरी मिले। दोनों जगह डाउन कमर सिस्टम नहीं मिला। अवतार में सभी छह अग्निशमन यंत्र सही मिले और बेसमेंट भी खाली था। हालांकि, डाउन कमर सिस्टम यहां भी नहीं मिला। डिवाइन केयर अस्पताल सभी पांच अग्निशमन यंत्र सही मिले।
विज्ञापन

बॉक्स..
ठोस कार्रवाई नहीं तो हौसले बुलंद
मानकों को ताक पर रखने वाले नर्सिंग होमो के खिलाफ अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से इनके हौसले बुलंद हैं। पहले भी कई बार जांच करवाई गई लेकिन बाद में वो ठंडे बस्ते में चली गई। ऐसे में नर्सिंग होमो को नियम तोड़ने की आदत पड़ गई है। अब सीधे मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए है, तब जाकर जिम्मेदारों की जांच में परत दर परत खामियां सामने आ रही हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें