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अब वेबसाइट पर फ्लैश नहीं होगा ओटीपी नंबर
सब हेड: एलयू ने पलटा फैसला, छात्रों के मोबाइल पर ही आएगा ओटीपी
टैग: बीएड कांउसलिंग
- छात्रों की गोपनीय जानकारी चुरा रहे एजेंटों को करारा झटका
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बीएड काउंसलिंग कराने वाले छात्रों की गोपनीय जानकारी चुराकर ओटीपी अथवा पिन नंबर हासिल करने वाले कॉलेज एजेंटों को करारा झटका लगा है। अब एनआईसी की वेबसाइट पर जाकर ओटीपी रीसेंड के विकल्प पर क्लिक करने के बाद स्क्रीन पर ओटीपी अथवा पिन नंबर फ्लैश नहीं होगा। यह सिर्फ विद्यार्थियों के मोबाइल नंबर पर ही जाएगा।
काउंसलिंग की आयोजक लखनऊ यूनिवर्सिटी (एलयू) ने पहले, दूसरे चरण में काउंसलिंग कराने वाले कई विद्यार्थियों के फोन पर ओटीपी नंबर नहीं जा पाने के कारण एनआईसी की वेबसाइट पर इसके फ्लैश होने का विकल्प दे दिया था। एलयू का यह फैसला छात्रों के लिए मुसीबत का सबब बन गया। बीएड कॉलेज के एजेंट छात्रों को ड्राफ्ट और मदद का झांसा देकर रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर, ड्राफ्ट नंबर, जन्मतिथि पता करने लगे। चूंकि, इन चारों गोपनीय जानकारी के जरिए एनआईसी की वेबसाइट पर रीसेंड ओटीपी विकल्प पर क्लिक करते ही पिन अथवा ओटीपी नंबर फ्लैश हो जाता था, इसलिए छात्रों के कॉलेज च्वाइस भरने के पूर्व ही एजेंट अपने महाविद्यालय लॉक कर दे रहे थे। ऐसी शिकायतें लगातार लखनऊ यूनिवर्सिटी के पास पहुंच रही थीं। अमर उजाला ने शनिवार के अपने अंक में ‘बीएड कॉलेज एजेंटों के जाल में फंस रहे छात्र’ शीर्षक से भी इसे प्रमुखता से छापा था। अब लखनऊ यूनिवर्सिटी ने अपने फैसले को पलट लिया है। बीयू के काउंसलिंग समन्वयक डॉ. प्रतीक अग्रवाल ने बताया कि एनआईसी की वेबसाइट पर रीसेंड ओटीपी क्लिक करने पर यह स्क्रीन पर फ्लैश नहीं होगा, बल्कि पहले की तरह सिर्फ विद्यार्थियों के मोबाइल फोन पर जाएगा।
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28 तक जमा कर सकते फीस
जिन छात्र-छात्राओं को कॉलेज आवंटन हो चुका हैं, उन छात्रों को बची हुई फीस जमा करने के लिए 28 जून तक का समय दे दिया गया है। वहीं, काउंसलिंग शुरू होने से अब तक जो छात्र-छात्रा किसी कारण से कॉलेज च्वाइस नहीं भर सके हैं, वो भी 28 तक कॉलेज लॉक कर सकते हैं।