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14 घंटे बाद मुंबई के लिए रवाना हुए 81 मजदूर

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इसी बस में सवार मजदूर का सिर धड़ से हुआ अलग। - फोटो : REPORTERS
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मोंठ। मजदूरी के लिए श्रावस्ती से मुंबई जा रहे मजदूरों पर मोंठ के सेमरी टोल प्लाजा पर विपत्तियों का पहाड़ टूट पड़ा। एक साथी का सिर टोल प्लाजा की दीवार से टकराकर धड़ से अलग हो जाने के बाद बस को रोक लिया गया। वहां मौजूद 81 मजदूर चौदह घंटे तक दूसरी बस का इंतजार करते रहे, लेकिन नहीं आई। आखिर में हादसे वाले बस से ही उन्हें गंतव्य के लिए रवाना किया गया। हालांकि, टोल प्लाजा की ओर से भोजन का इंतजाम किए जाने से मजदूरों को कुछ राहत मिली।
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श्रावस्ती के 83 मजदूरों को लेकर मुंबई जा रही बस में सवार एक मजदूर सोनू का सिर टोल प्लाजा की दीवार से टकराने से धड़ से अलग हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और बस को कब्जे में ले लिया। एक मजदूर शव के साथ आ गया। जबकि, बाकी 81 मजदूर टोल प्लाजा पर ही डेरा डाले रहे। उनके पास न तो आगे बढ़ने का इंतजाम था और न ही वापस लौटने का। सुबह सात बजे हुई घटना के बाद से वे रात नौ बजे तक दूसरी बस के आने का इंतजार करते रहे। कभी मजदूरी के लिए भेजने वाले ठेकेदार को फोन करते तो कभी मुंबई के कंपनी मालिक को, लेकिन कोई इंतजाम नहीं हो पाया। आखिरकार रात 9.10 बजे उसी बस से मजदूरों को मुंबई के लिए रवाना किया गया, जिससे वे आए थे। मोंठ कोतवाल भीमसेन पौनिया ने बताया कि मजदूरों की समस्या को देखते हुए उसी बस से उन्हें गंतव्य की ओर रवाना किया गया, जिससे वो आए थे। हालांकि, टोल प्लाजा मैनेजर एसएस सिकरवार द्वारा दोनों वक्त के भोजन का प्रबंध किए जाने से मजदूर राहत में रहे।
प्रत्येक से लिया गया था 2500 किराया
झांसी। मजदूरों ने बताया कि गंतव्य तक पहुंचाने के लिए बस संचालक ने प्रत्येक मजदूर से 2500 रुपये किराया लिया था, जिसकी अदायगी उन्होंने बस में चढ़ने से पहले ही कर दी थी। अब उनकी जेब खाली है। किसी के पास इतने भी पैसे नहीं हैं कि वे वापस अपने घर जा सकें, मुंबई जाना तो बहुत दूर की बात है।
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