संवाद न्यूज एजेंसी
मोंठ। क्षेत्र के ग्राम पसैया में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से किसानों की करीब 80 बीघा कृषि भूमि पानी में डूब गई है। पसैया-पुलगहना मार्ग के बीच स्थित खेतों में लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है। किसानों का आरोप है कि सड़क किनारे बनी बंबा (माइनर) के पास स्थित पुलिया छोटी होने के कारण पानी का निकास नहीं हो पा रहा है, जिससे खेतों में पानी भर रहा है।
किसान प्रतिपाल सिंह ने बताया कि पिछले करीब पांच वर्षों से क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक किसानों के खेतों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। इस बार किसानों ने खेतों में धान की रोपाई की थी, लेकिन लगातार भरे पानी के कारण धान की फसल खराब हो गई। किसानों का कहना है कि जल निकासी का उचित प्रबंध न होने से हर वर्ष उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बताया कि पसैया-पुलगहना मार्ग के बीच स्थित माइनर में पानी ओवरफ्लो होने की स्थिति में उसका समुचित निकास नहीं हो पाता। वहीं, पसैया स्थित तालाब का पानी भी तालाब में समाहित होने के बजाय खेतों की ओर बहने लगता है। इसके चलते आसपास की कृषि भूमि जलमग्न हो जाती है।
वर्तमान में प्रतिपाल, बाबूलाल, रामप्रताप, मंशाराम, नरसिंह, राजाराम समेत कई किसानों की खेती पानी में डूबी हुई है। किसानों के अनुसार करीब 80 बीघा भूमि पूरी तरह जलभराव की चपेट में है। खेतों में पानी भरे रहने से न केवल वर्तमान फसल बर्बाद हो रही है, बल्कि अगली फसल की तैयारी भी प्रभावित होने की आशंका है। यदि समय रहते पानी की निकासी नहीं कराई गई तो नुकसान और बढ़ सकता है।
इस संबंध में मोंठ के उपजिलाधिकारी माज अख्तर ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।