झांसी। पंचायत चुनावों के लिए बनाए गए मतदान केंद्रों में आधे से अधिक मतदान केंद्र रेड जोन में शामिल हैं। जनपद में कुल 756 मतदान केंद्र बनाए गए, इनमें 73 फीसदी मतदान केंद्र बवाली बताए जा रहे। इनमें भी 92 मतदान केंद्रोें में सर्वाधिक गड़बड़ी की आशंका के चलते अतिसंवेदनशील प्लस में शामिल किया गया है। यहां चुनाव के दौरान सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए जाएंगे।
मतदान केंद्रों के निर्धारण का काम पूरा हो चुका। जनपद में कुल 756 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनको संवेदनशील, अतिसंवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील प्लस के आधार पर बंटा गया। जिन गांवों में गड़बड़ी की संभावना नहीं उनको सामान्य जबकि जहां चुनावी गड़बड़ी की आशंका है उनको अतिसंवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील प्लस में शामिल किया गया है। अतिसंवेदनशील प्लस मतदान केंद्र सर्वाधिक बंगरा ब्लॉक में पाए गए। यहां इस तरह के कुल 27 मतदान केंद्र हैं जबकि बड़ागांव में 7, मोंठ में 10, चिरगांव में 7, मऊरानीपुर में 15, बामौर में 18 एवं गुरसराय में 8 केंद्र अतिसंवेदनशील प्लस के तौर पर चिन्हित हुए हैं। बबीना ब्लॉक में कोई भी मतदान केंद्र इस श्रेणी में नहीं मिला।
अतिसंवेदनशील केंद्र के तौर पर पूरे जनपद में 237 केंद्र चिन्हित हुए हैं। अतिसंवेदनशील केंद्र भी बंगरा ब्लॉक में ही सर्वाधिक मिले। यहां कुल 45 केंद्र ऐसे चिन्हित हुए जबकि बबीना में 22, बड़ागांव में 16, मोंठ एवं चिरगांव में 23, मऊरानीपुर में 30, बामौर में 43 एवं गुरसराय ब्लॉक में 35 मतदान केंद्र अतिसंवेदनशील बताए गए हैं। पूरे जनपद में 226 मतदान केंद्र को संवेदनशील माना गया है। सर्वाधिक संवेदनशील मतदान केंद्र मोंठ में 45 चिन्हित किए गए हैं। इसके बाद मऊरानीपुर 34, बबीना 33, बड़ागांव 24, गुरसराय में 25 पाए गए। जनपद में सिर्फ 201 मतदान केंद्र सामान्य पाए गए हैं। प्रशासन की नजर मेें सबसे शांत ब्लॉक चिरगांव है। यहां सर्वाधिक 51 मतदान केंद्र को सामान्य पाया गया जबकि बबीना में 47, बड़ागांव में 29, मोंठ में 24, बंगरा में 11, बामौर में 8 एवं गुरसराय में 19 केंद्र सामान्य पाए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक अतिसंवेदनशील प्लस में शुमार मतदान केंद्रों वाले इलाकों में अतिरिक्त निगरानी की जा रही है। मतदान के समय यहां दूसरे बूथों से अधिक सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।
सियासी गर्मी में धधक रहे तिरसठ गांव
पंचायत चुनावों की तारीख अभी भले तय न हुई हो लेकिन, ग्रामीण इलाकों में सियासी तापमान लगातार चढ़ता जा रहा है। जिन मतदान केंद्रों को अतिसंवेदनशील प्लस मेें शुमार किया गया है, वहां के गांवोें का सियासी ताप कभी अफसरों के लिए चुनौती बन सकता है। अतिसंवेदनशील प्लस में 63 गांव शामिल हैं। इसको देखते हुए यहां निगरानी बढ़ा दी गई है। इनमें नोटा, हॉटी, सकरार, मिटौरा, पचवारा, चौकरी, सेवारा, देवरीसिंहपुरा, लुहरगांव, बसारी, गुढा़, करैचा, गुढ़ा, बौड़ा, नवादा, लारौन, कटेरा देहात, सिजारी, रेवन, बेरबई, बुढ़ाई, स्यावरी, रुपाधमना, मऊदेहात, खरकासानी, अकसेव, ढकरवारा, चुरारा, पालर, परसर, बिरगुवां, पारीछा, मवईगिर्द, भरोसा, पुलिया, साकिन, लोहागढ़, परसा, बघैरा, पिपरा, धमनाखुर्द, सारौल, इटवां, गूढ़ा, इमलौटा, बगरौनी, देवराखुर्द, मोतीकटरा, पसौरा, रानापुरा, तुर्कालहचूरा आदि गांव मुख्य हैं।
अतिसंवेदनशील प्लस में शुमार मुख्य मतदान केंद्र
प्राथमिक विद्यालय गूढ़ा, प्राथमिक विद्यालय इमलौटा, उच्च प्राथमिक विद्यालय बगरौनी, उच्च प्राथमिक विद्यालय तुर्कालहचूरा, उच्च प्राथमिक विद्यालय परसा, उच्च प्राथमिक विद्यालय बघैरा, प्राथमिक पाठशाला भरोसा, पंचायत भवन साकिन, आंगनबाड़ी केंद्र साकिन, जूनियर हाईस्कूल लोहागढ़, कन्या प्राथमिक विद्यालय लोहागढ़, जूनियर हाईस्कूल पालर, प्राथमिक विद्यालय विरगुवां, पंचायत भवन नोटा, प्राथमिक विद्यालय हाटी आदि शामिल किया गए हैं।