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क्रय केंद्रों पर किसानों से वसूली की शिकायत

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क्रय केंद्रों पर किसानों से वसूली की शिकायत
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झांसी। गेहूं खरीद के दौरान किसानों से क्रय केंद्रों पर हो रही वसूली की शिकायत गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने जिलाधिकारी से की है। विधायक ने कहा कि खरीद के दौरान किसानों से बेवजह वसूली न हो पाए। प्रशासनिक स्तर पर सुदृढ़ व्यवस्था की जाए, ताकि किसानों का शोषण, उत्पीड़न न हो पाए।
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डीएम को लिखे पत्र में विधायक ने बताया कि झांसी में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद किसानों से क्रय केंद्रों के माध्यम से की जा रही है। इसमें क्रय केंद्र प्रभारी / संचालक सहयोगी द्वारा किसानों से तुलाई, छनाई व खर्चे के नाम पर प्रति कुंतल गेहूं 50 से 100 रुपये तक वसूली की जा रही है। क्रय केंद्रों के भ्रमण के दौरान जानकारी मिली कि किसान अपना ऑनलाइन पंजीकरण व मंडी पास लेने के बाद क्रय केंद्र पर नंबर लगा देता है मगर जब तक किसान की केंद्र प्रभारी / संचालक सहयोगी से प्रति कुंतल पैसे की बातचीत नहीं हो जाती, तब तक तुलाई नहीं की जाती है। आरएफसी/एफसीआई के क्रय केंद्रों को छोड़कर ज्यादातर यह सभी क्रय केंद्रों पर हो रहा है। कई बार उच्च अधिकारियों को भी किसानों द्वारा अवगत कराया जा रहा है। किसानों के गेहूं के भुगतान में भी विलंब हो रहा है। कई केंद्र प्रभारियों ने भी बताया कि टोल टैक्स व एफसीआई प्रभारी / एसडब्लूसी प्रभारी जो गोदामों पर चार्ज लिए रहते हैं। उनके द्वारा गेहूं के ट्रकों से 15 रुपये प्रति कुंतल लिया जाता है और ट्रक भाड़ा भी अधिक देना पड़ता है। यदि एक दिन ट्रक रुक गया तो उसका भी खर्चा बढ़ जाता है। किसानों का केवल तुलाई का 20 रुपये प्रति कुंतल लगना चाहिए। इससे अधिक कुछ भी नहीं लगना चाहिए। विधायक ने डीएम से मांग की कि गेहूं खरीद में संवेदनशीलता बरतते हुए छोटे-छोटे किसानों का अधिक से अधिक गेहूं खरीदा जाए। किसानों का 20 रुपये के अतिरिक्त कुछ भी खर्च न हो।
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