झांसी। जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने नगर निगम के बिजौली स्थित कांजी हाउस, कान्हा उपवन, गोवंश वन्य विहार और लहर गिर्द स्थित अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन कान्हा उपवन की प्रगति देखी और मार्च तक काम पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने छुट्टा गोवंश छुड़ाने पर दो हजार रुपये जुर्माना लगाने के भी निर्देश दिए। अब तक यह जुर्माना सौ से लेकर दो सौ रुपये प्रति जानवर लिया जा रहा था।
बिजौली में एक हेक्टेअर जमीन पर कांजी हाउस बना है, जिसमें सौ जानवरों के रखने की क्षमता है। यहां पर 45 गोवंश थे। इनके चारे और पानी का पर्याप्त इंतजाम था। तीन गायें पांच दिन पहले पकड़ कर लाई गई थीं, जिनके बछड़े हो गए हैं। डीएम के पूछने पर बताया गया कि इन गायों का दूध बछड़ों को ही पिलाया जा रहा है। दैनिक रखरखाव के लिए दो- दो चौकीदारों की शिफ्ट के हिसाब से ड्यूटी लगाई जा रही है। यहां की दीवारों पर पेंटिंग देखकर उन्होंने नगर निगम को शाबासी दी और कांजी हाउस के बाहर लकड़ी बेचने वाले को हटाने को कहा।
इसके बाद वह कान्हा उपवन पहुंचे। 1.920 हेक्टेयर में बन रहे कान्हा उपवन की प्रगति देखी। 70 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। बताया गया कि 1.63 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा कान्हा उपवन का काम मार्च तक कंपलीट कर लिया जाएगा।
छुट्टा जानवरों के लिए बिजौली में प्रस्तावित 42.638 हेक्टेयर के गोवन्य विहार का निरीक्षण किया। बताया गया कि इसका सीमांकन हो गया है, डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाई जा रही है। जल्द ही इसका निर्माण शुरू हो जाएगा। इसके बाद उन्होंने लहरगिर्द में गैस गोदाम के पास बन रहे अस्थायी गोआश्रय स्थल का निरीक्षण किया। यहां पर कुआं देखा, जहां से पाइप लाइन डाल दी गई है। गायों व बछड़ों के रुकने के लिए अस्थायी शेड बनाए जा रहे हैं। उन्होंने छुट्टा जानवरों से लिए जाने वाले जुर्माना की राशि बढ़ाने को कहा। इस पर दो हजार रुपये प्रति जानवर निर्धारित कर दिया गया।
इस मौके पर नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया, अपर नगर आयुक्त (आर) रोहन सिंह, पशु चिकित्साधिकारी डॉ.आरके निरंजन, मुख्य अभियंता एलएन सिंह, अवर अभियंता एसके ओझा मौजूद रहे।
समृद्धों की गायें पकड़ी जा रहीं
नगर निगम द्वारा छुट्टा जानवरों को पकड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। प्रतिदिन 15 से 18 छुट्टा जानवर पकड़कर बिजौली स्थित कांजी हाउस में बंद किए जा रहे हैं। तीन जनवरी से चल रहे इस अभियान के अंतर्गत अब तक 29 हजार रुपये जुर्माना वसूल किया जा चुका है। जुर्माना जमा कर गायों को छुड़ाने वाले अधिकांश लोग ऐसे हैं, जो समृद्धिशाली हैं। इनमें से एक तो सत्ताधारी दल का पदाधिकारी था, जो गाय के पकड़ने के बाद नगर निगम के अफसरों से उलझ गया। उसने काफी रौब दिखाया, लेकिन जुर्माना जमा करने के बाद ही गाय को छुड़ा कर ले जा सका।