ललितपुर और जालौन के लिए भी महत्वपूर्ण
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सीधे ग्रिड से बिजली लेने लगा रेलवे
- हर साल होगी दो सौ करोड़ की बचत
- उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन का राजस्व घटा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन ने ट्रेनों के संचालन के लिए उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन की जगह सीधा ग्रिड (ओपन एक्सेस) से करंट लेना शुरू कर दिया है। इससे रेलवे को सालाना दो सौ करोड़ रुपये की बचत होगी, जो पूरे बिल का 18 प्रतिशत है। हालांकि, इससे यूपी पावर कारपोरेशन को करोड़ों के राजस्व की हानि झेलनी होगी। अकेले झांसी, ललितपुर और जालौन जिले से दस करोड़ रुपये राजस्व कम हो गया है।
उत्तर मध्य रेल प्रशासन ने ट्रेनों के संचालन के लिए 13 ट्रैक्शन सबस्टेशन (टीएसएस) बना रखे हैं। इन टीएसएस से ट्रेनों के संचालन के लिए ओएचई करंट मिलता है। हर महीने 36 मिलियन यूनिट की खपत है। इन टीएसएस में झांसी के मुस्तरा, मोंठ तथा ललितपुर में रोड़ा स्टेशन शामिल हैं।
अभी रेलवे ने टीएसएस के लिए उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड से बिजली लेता था। मगर, आठ जुलाई की रात से रेलवे ने यूपी पावर कारपोरेशन से नाता तोड़ते हुए सीधा नेशनल ग्रिड लाइन से बिजली लेना शुरू कर दिया है। हालांकि, इससे उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन को राजस्व का झटका लग गया है। उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक मूलचंद चौहान ने बताया कि इस पहल से जोन को सालाना दो सौ करोड़ की बचत होगी।
सबसे बड़ा ग्राहक था रेलवे
बिजली विभाग को झांसी जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों से हर महीने औसतन 15 करोड़ का राजस्व मिलता है। इसमें अकेले चार करोड़ रुपये रेलवे देता था। मालूम हो कि, ग्रामीण क्षेत्रों में 50 प्रतिशत उपभोक्ता बकायेदार हैं।