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पटल पर तीन दिन से ज्यादा न रुके फाइल: कुलसचिव-City

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पटल पर तीन दिन से ज्यादा न रुके फाइल: कुलसचिव
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- बीयू में अध्यादेश का अब होगा पालन, नियम न मानने वालों पर होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में अब अध्यादेश का पालन होगा। कुलसचिव सीपी तिवारी ने तीन दिन के अंदर पटल से फाइलों का निस्तारण करना अनिवार्य कर दिया है। ऐसा न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विश्वविद्यालय के अध्यादेश के अनुसार कोई भी फाइल किसी पटल पर अधिकतम तीन दिन ही रुक सकती है मगर अब तक नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। कुछ विभागों में तो फाइलें धूल फांकती रहती हैं लेकिन उनका निस्तारण नहीं किया जाता है। कुछ जगह तो ‘सुविधा शुल्क’ बढ़ने का इंतजार किया जाता है। लंबे समय तक भुगतान नहीं होने पर ठेकेदारों द्वारा जब ‘सुविधा शुल्क’ दिया जाता है, तो वह काम की गुणवत्ता से समझौता करते हैं। चंद अधिकारियों, कर्मचारियों की मनमानी से विश्वविद्यालय को ही नुकसान झेलना पड़ता है। कुलसचिव ने बताया कि अब हर पटल पर तीन दिन के अंदर फाइलों का निस्तारण कर दिया जाएगा। जो भी इसका पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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कुलसचिव कार्यालय नहीं होगा बाइपास
कुलसचिव कार्यालय को बाईपास कर अब कोई भुगतान नहीं हो सकेगा। हर फाइल कुलसचिव के हस्ताक्षर से आगे बढ़ेगी। अंतिम मुहर कुलपति लगाएंगे। खासकर अभी कुछ चापलूस शिक्षक कुलसचिव को बाईपास करके भुगतान करा लेते थे।
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कर्मचारी को भेजा जेल
सिटी मजिस्ट्रेट/कुलसचिव ने विश्वविद्यालय के प्रशासन विभाग में कार्यरत कर्मचारी को शांतिभंग में जेल भेज दिया। उन्होंने बताया कि चीफ प्रॉक्टर प्रो. एमएल मौर्या ने उन्हें फोन करके बताया था कि कर्मचारी डे केयर सेंटर और होम साइंस विभाग में शराब के नशे में हंगामा कर रहा है। शांतिभंग में चालान कराकर उसे जेल भेज दिया गया। अब तक किसी ने जमानत नहीं ली है। उन्होंने कहा कि कैंपस में रहने वाले कुछ शराबी कर्मचारियों पर निगाह रखे हैं। यदि वह भी नशे में हंगामा करते मिले तो जेल भेज दिया जाएगा।
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