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सिविक एमीनिटीज
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नर्सिंगहोम जाकर नक्शे जांचेंगे जेई
सबहेड: संचालकों ने संशोधित मानचित्र जेडीए में जमा किए
क्रासर
स्वीकृत हुआ तो शमन शुल्क लेंगे, नहीं तो ध्वस्त करेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
नर्सिंगहोम संचालकों ने झांसी विकास प्राधिकरण में संशोधित नक्शा जमा कर दिया है। अब जेई उसके मानकों की जांच मौके पर जाकर करेंगे। यदि नियमानुसार नक्शा बनाया गया होगा तो स्वीकृत हो जाएगा और शमन शुल्क जमा कराया जाएगा अन्यथा इन्हें ध्वस्त कर दिया जाएगा।
बृहस्पतिवार को जेडीए में नर्सिंगहोम संचालकों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया था। जिलाधिकारी कर्णसिंह चौहान अवकाश पर होने के कारण सचिव सीपी तिवारी के समक्ष उन्होंने जेडीए में अपना पक्ष रखा। नक्शा की जांच में खास बात यह रहेगी कि सैट-बैक छोड़ा गया है अथवा नहीं। नियमानुसार नर्सिंग होम का नक्शा 300 वर्ग मीटर जमीन पर ही स्वीकृत हो सकता है, इसलिए नर्सिंगहोम की जमीन पूरी है या नहीं, नर्सिंग होम जिस रास्ते में पर बना है, उसकी चौड़ाई 12 मीटर है या नहीं, इन बिंदुओं की जांच यदि मानक पर सही पाई जाती है तो नक्शा पास होने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
जानिए सैट-बैक का मानक
12.5 मीटर की ऊंचाई वाले 300 से 500 वर्ग मीटर तक क्षेत्रफल के नर्सिंगहोम भवनों के सैट बैक के मानक के अनुसार आगे 4.5 मीटर, पीछे 4.5 मीटर अगल-बगल 3 व 1.8 मीटर की जगह छोड़ना अनिवार्य है। 501 से 1000 और 1000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भवन के सामने 9 मीटर, पीछे 4.5 मीटर, अगल-बगल 3-3 मीटर जगह छूटी होनी चाहिए। 12.5 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भवन के आगे 9 मीटर, पीछे व अगल-बगल 5-5 मीटर जगह छोड़नी आवश्यक है।
जल्द होगी जांच
नर्सिंगहोम संचालकों से नक्शे जमा करा लिए गए हैं। जल्द जांच की जाएगी, इसके बाद कोई निर्णय होगा।
- सीपी तिवारी, सचिव, जेडीए