झांसी शहर का दायरा जल्द बढ़ने जा रहा है। निगम सीमा के दायरे में 22 गांव शामिल किए जाने की तैयारी है। शासन से अधिसूचना जारी होते ही ये सभी गांव निगम सीमा में सम्मलित हो जाएंगे। आगामी पंचायत चुनाव से पहले इस प्रक्रिया के पूरा हो जाने की उम्मीद है।
सरकार काफी समय से सूबे के नगर निगमों के क्षेत्रफल में इजाफा करने की कोशिश कर रही है। कई अड़चनों के चलते यह काम अटका रहा। धीरे-धीरे राजस्व विभाग ने इन अड़चनों को दूर किया। अब 10 मार्च 2017 के प्रस्ताव के मुताबिक ही 22 गांव निगम सीमा में शामिल किए जाने का एनओसी जारी कर दिया गया। इसे नगर निगम सदन ने भी मंजूर कर लिया। अभी नगर निगम सीमा पूर्व में पिछोर गांव तक पश्चिम में झांसी-शिवपुरी राष्ट्रीय राजमार्ग तक एवं नया गांव का संपूर्ण भाग शामिल है। इसी तरह राष्ट्रीय राजमार्ग में ललितपुर मार्ग पर बिजौली तक, ग्वालियर रोड पर करारी तक, कानपुर मार्ग पर कोछाभांवर, मऊरानीपुर में भगवंतपुरा एवं शिवपुरी मार्ग परलहरगिर्द तक निगम सीमा सीमित है।
ये गांव किए जाएंगे शामिल
खैलार, डगरिया, रुंद, सिमरावारी, अठोदना, पठारी, सिजवाहा, पाली पहाड़ी, अंबावाय, रुंदकरारी, परवई, भोजला, भरारी, टाकोरी, मुस्तरा, दिगारा, पलींदा, बलौरा, रुंदबलौरा, पाडरी, गोरा मछिया, छपरा, डिमरौनी।
प्रस्तावित गांवों का कुल क्षेत्रफल- 11520 हेक्टेयर
कुल जनसंख्या- 69420
इन गांवों में नहीं होंगे पंचायत चुनाव
नगर निगम सीमा के भीतर जिन 22 गांवों को शामिल किए जाने की तैयारी है, अगर इसकी अधिसूचना कुछ माह बाद जारी हो गई तब इन गांवों में अगले वर्ष होने वाले पंचायत चुनाव नहीं कराए जाएंगे। इस तरह इन गांवों के मौजूदा प्रधान ही यहां के आखिरी प्रधान हो जाएंगे। उम्मीद जताई जा रही कि नए वर्ष तक शासन इस संबंध में औपचारिकता संबंधी अधिसूचना भी जारी कर देगा।
बढ़ जाएंगी पार्षद की नौ सीटें
इन गांवों के शामिल होने से नगर निगम सदन के भीतर पार्षदों की संख्या 60 से बढ़कर 69 हो जाएगी। नौ नए वार्ड बनाए जाएंगे लेकिन इनके चुनाव अगले नगर निगम सदन के साथ ही कराए जाएंगे हालांकि इन वार्डों का परिसीमन भी प्रस्तावित कर दिया गया है।
वार्ड वार्ड का नाम शामिल होने वाले इलाके
1 खैलार डंगरियारूंद, काशीनगर, खैलार, मोटा रूंद, खैलार आंशिक
2 बीएचईएल ईसाई चैकी खैलार, शक्तिनगर, साकेतनगर टाउनशिप बीएचईएल, तिलकनगर
3 सिमरावारी सिमरावारी आंशिक एवं मुख्य तिलकनगर
4 सिजवाहा अठोंदना, पठारी, रुंदबलारा, सिजवाहा एवं पालीपहाड़ी
5 अंबाबाय अंबाबाय, रुंदकरारी, परवई, पलींदा
6 भोजला भोजला, भरारी, टांकारी, मुस्तरा, पाडरी, दिगारा
7 गोरामछिया गोरामछिया कबूतरा डेरा एवं गोरामछिया
8 छपरा छपरा
9 डिमरौनी डिमरौनी
दस साल बाद वसूला जा सकेगा टैक्स
नगर निगम सीमा में जिन गांवों को शामिल किया जाएगा, नगर निगम वहां स्थित भवनों से दस साल बाद ही हाउसटैक्स आदि की वसूली कर सकेगा। उप्र संपत्तिकर अधिनियम के मुताबिक जब तक इन गांवोें तक अवस्थापना सहूलियतें विकसित नहीं हो जातीं, तब तक इनसे टैक्स नहीं लिया जा सकता। हालांकि इस बारे में नगर निगम के अधिकारी अभी कुछ खुलकर बोलने को राजी नहीं हैं।
लंबी कोशिश के बाद नगर निगम सीमा में बढ़ोतरी हुई है। इससे शहर के विकास को रफ्तार मिलेगी। सरकार की तमाम महत्वपूर्ण योजनाओं में भी झांसी को शामिल होने में मदद मिलेगी।
रामतीर्थ सिंघल
महापौर
अब बढ़ सकेंगी ये सुविधाएं
- शहरी सीमा में शामिल होने से इन ग्रामीण इलाकों में अमृत पेयजल योजना के तहत कार्य कराए जा सकेंगे
- सीवर लाइन बिछाए जाने का रास्ता होगा साफ
- सड़क एवं क्षतिग्रस्त गलियों की सुधर सकेगी व्यवस्था
- साफ-सफाई के भी हो सकेंगे पुख्ता इंतजाम