झांसी। जिला कारागार के 64 शातिर अपराधियों को आगरा जेल ट्रांसफर किया गया है। यह कैदी जेल की सुरक्षा व्यवस्था को खतरा बन रहे थे। विवाद की स्थिति बनने से पहले सभी को आगरा की सेंट्रल भेज दिया गया है। जेल में रसूख रखने व गुटबाजी करने वाले सौै कैदियों की सूची तैयार कर शासन को भेजी थी। जिसके बाद जेल प्रशासन ने आगरा भेजा है।
प्रदेश की जेलों में बंद शातिर बदमाशों द्वारा गैंग संचालित किए जा रहे हैं। नेटवर्क तोड़ने के लिए बड़े स्तर पर अभियान छेड़ दिया गया है। जिला कारागार में ऐसे सौ से अधिक कैदियोें को चिह्नित किया गया हैं, जो अपनी-अपनी बैैरकों में डॉन बने हुए हैं। हत्या, डकैती समेत बड़े अपराध में लिप्त इन ‘डॉन’ का हुक्म बैरकों में चलता है। ये गुटबाजी भी करते हैं। बैरकों के कैदी इनके हिसाब से ही चलते हैं। इन कैदियों को प्रदेश की अलग-अलग जेलों में भेजने का निर्णय लिया गया था। सूची तैयार कर लखनऊ भेजी गई थी। इसके बाद सभी को आगरा जेल भेज दिया गया है। इनमें करीब चालीस आजीवन कारावास के कैदी भी हैं। 24 अन्य मामलों के कैदी शामिल हैं। अन्य कैदियों को दूसरी जेलों में भी भेजने की तैयारी है।
क्षमता से अधिक हैं कैदी
वर्तमान में जिला कारागार में 1250 कैदी हैं। क्षमता सिर्फ 450 कैदियों की है। क्षमता से ज्यादा कैदियों के होने की वजह से जेल की सुरक्षा को भी खतरा रहता है। ऐसे में कैदियों को दूसरी जेल भेजे जाने से कुछ हद तक राहत मिलेगी।
बड़े अपराधों में लिप्त 64 कैदियों को आगरा जेल ट्रांसफर किया गया है। कई और कैदियों को अन्य जेलों में भी भेजने की तैयारी है। इसकी सूची तैयार कर शासन को भेजी गई थी।
राजीव शुक्ला, वरिष्ठ जेल अधीक्षक