अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत मकान बनाने के लिए सरकार से मिला पैसा लेकर 62 लाभार्थी ‘लापता’ हो गए हैं। इसमें पहली किस्त लेने वाले ही 21 लाभार्थी हैं, जिनसे 10.50 लाख रुपये की वसूली होनी है। अब डूडा ने पुलिस से लाभार्थियों को तलाशने के लिए मदद मांगी है।
पीएम आवास योजना शहरी के तहत पिछले पांच साल में नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्र के 26856 लाभार्थियों को मकान बनवाने के लिए शासन से किस्तों में ढाई लाख रुपये मिले हैं। इनमें से अधिकतर लाभार्थियों के आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। मगर 122 लाभार्थियों के आवास नहीं बन पाए हैं। इनमें से कई लाभार्थियों की मृत्यु हो गई। वहीं, 62 लाभार्थी ऐसे हैं, जिनके खाते में किस्त का पैसा पहुंचने के बावजूद मकान नहीं बनवाया। इसमें 18 लाभार्थियों का आवास लेंटर स्तर पर लंबित है। इन्हें दूसरी किस्त के भी डेढ़ लाख रुपये मिल चुके हैं। वहीं, 23 लाभार्थी ऐसे हैं, जिनके मकान का निर्माण अंतिम स्तर पर था। मगर इन्होंने पूरा नहीं कराया और झांसी से कहीं और चले गए। चूंकि, मकान बनने के बाद डूडा को रिपोर्ट लगानी पड़ती है, ऐसे में इन लाभार्थियों की तलाश तेजी से शुरू कर दी गई है। इसके लिए संबंधित थाना के प्रभारी के अलावा नगर पालिका और नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी को भी डूडा की तरफ से पत्र लिखा गया है। लाभार्थियों का पता लगाने के लिए मदद मांगी है।
11 लोगों ने लौटाई 50-50 हजार रकम
डूडा की परियोजना अधिकारी रोली गुप्ता ने बताया कि 11 लाभार्थियों से 50-50 हजार रुपये रकम भी डूडा के खाते में वापस मंगवाई गई है। प्रयास करने के बाद इन लाभार्थियों का पता लगाया गया। इन्हें पहली ही किस्त जारी हुई थी, उसके बाद ये कहीं चले गए थे। अन्य लाभार्थियों का भी जल्द पता लगवाया जाएगा।