अनुभवी कार्यकर्ता बनाए जा रहे हैं एजेंट
झांसी। लोकसभा चुनाव की मतगणना की उलटी गिनती शुरू हो गई है। निर्वाचन आयोग के साथ-साथ प्रत्याशी भी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। राजनीतिक दलों में खासतौर पर मतगणना एजेंटों को लेकर माथापच्ची चल रही है। सभी अपने अनुभवी कार्यकर्ताओं को ये जिम्मेदारी सौंपने जा रहे हैं।
लोकसभा चुनाव की मतगणना 23 मई को होगी। झांसी जिले की चारों विधानसभाओं के वोट भोजला मंडी में गिने जाएंगे। यहां नीलामी चबूतरे पर सभी विधानसभाओं की अलग-अलग मतगणना होगी। प्रत्येक विधानसभा के वोटों की गिनती चौदह टेबलों पर होगी। निर्वाचन आयोग की व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक टेबल पर प्रत्याशी अपना मतगणना एजेंट तैनात कर सकता है। इसके अलावा एक एजेंट सहायक रिटर्निंग ऑफिसर की टेबल पर रह सकता है। इस प्रकार से प्रत्येक विधानसभा में प्रत्याशियों के पंद्रह - पंद्रह एजेंट रहेंगे।
राजनीतिक दल और प्रत्याशी मतगणना एजेंट बनाने में अपने ऐसे कार्यकर्ताओं को तरजीह दे रहे हैं, जो पूर्व के चुनावों में भी मतगणना एजेंट रह चुके हैं। सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल सिंह यादव ने बताया कि झांसी की चार और ललितपुर जिले की दो विधानसभाओं के लिए एजेंट बनाए जा रहे हैं। मतगणना महत्वपूर्ण कार्य है, ऐसे में अनुभवी कार्यकर्ताओं को यह जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष जमुना कुशवाहा ने बताया कि ज्यादातर अनुभवी कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों को ये जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। उनके निर्देशन में कुछ नये कार्यकर्ता भी एजेंट बनाए जा रहे हैं, ताकि वे भी अनुभव प्राप्त कर सकें।
क्रम से मिलेगी कुर्सी
मतगणना टेबलों के पास एजेंटों को क्रम से कुर्सी दी जाएगी। सबसे आगे राष्ट्रीय और मान्यता प्राप्त दलों के प्रत्याशी के एजेंट रहेंगे। उनके बाद पंजीकृत दलों के प्रत्याशियों के एजेंटों को स्थान दिया जाएगा। सबसे आखिर में निर्दलीय प्रत्याशियों के एजेंटों के बैठने की व्यवस्था होगी।
मोबाइल पर रहेगा प्रतिबंध
मतगणना स्थल पर मोबाइल प्रतिबंधित रहेगा। न तो मतगणना कर्मचारी, मतगणना एजेंट कोई भी अपने पास मोबाइल फोन नहीं रख सकेगा। यहां तक कि पुलिस के अधिकारी भी अपने पास मोबाइल नहीं रख सकेंगे। केवल रिटर्निंग ऑफिसर, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर व आब्जर्वर ही अपने पास मोबाइल रख सकेंगे।