छात्राओं को डेंगू से बचाव के लिए दिए टिप्स
झांसी। राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर दतिया गेट बाहर स्थित सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कालेज जन- जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। इस दौरान सभी को डेंगू रोग और उससे बचाव के तरीके बताए गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सुशील प्रकाश ने बताया कि लक्षण दिखने पर मरीज का एलाइजा टेस्ट कराया जाता है।
उन्होंने बताया कि डेंगू जांच की पुष्टि के लिए रक्त का नमूना, सेंटीनल सर्विलेंस लैब को रोगी का पूरा नाम, पता, मोबाइल नंबर के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है। जनपद में महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की माइक्रो बायोलॉजी लैब में डेंगू रोगियाें की जांच की सुविधा निशुल्क है। जनपद स्तर पर जिला मलेरिया अधिकारी के माध्यम से डेंगू अधिसूचना का क्रियान्वयन कराया जा रहा है। साथ ही निजी चिकित्सालयों एवं पैथालॉजी केंद्रों को डेंगू रोगियों की रिपोर्ट रोज मुख्यालय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरी ओर चिकित्सालयों में फीवर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, जहां बुखार से पीड़ित रोगियों को चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही जिला चिकित्सालय में एवं मेडिकल कॉलेज में 10-10 बैड मच्छरदानी युक्त आइसोलेशन वार्ड डेंगू मरीजों हेतु आरक्षित हैं। इस कार्यक्रम में डा. राजकिशोर, आरके गुप्ता, डा. विजयश्री शुक्ला, कल्पना सिंह, विजय बहादुर, रविंद्र कुमार, गौरव चतुर्वेदी, दौलतराम मौजूद रहे।
क्या है मलेरिया?
जिला मलेरिया अधिकारी आरके गुप्ता ने बताया कि डेंगू रोग मादा एडीज एजिप्टाई नामक मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर दिन के समय काटता है। इस मच्छर के शरीर पर काली सफेद धारियां होती हैं, जिससे इसे टाइगर मच्छर भी कहा जाता है।
ये हैं लक्षण
- डेंगू रोग से ग्रसित मरीज में अचानक तेज सिर दर्द व बुखार आना।
- मांस पेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना।
- आंखों के पीछे दर्द होना जो कि आंखों को घुमाने से बढ़ता है।
- जी मिचलाना एवं उल्टी होना।
- गंभीर मामलों में नाक, मुंह, मसूड़ाें से खून आना।
- त्वचा पर चकत्ते उभरना।
ऐसे फैलता है मलेरिया
नोडल अधिकारी डा. राजकिशोर ने बताया कि डेंगू रोग से बचाव के लिए आवश्यक है कि घर में अथवा आसपास, कूलर, पानी की टंकी, पक्षियों व पशुओं के पीने के पानी के बर्तन, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, नारियल का खोल, टूटे बर्तन, टायर, प्लास्टिक डिस्पोजल बर्तन-गिलास, दोने इत्यादि में पानी जमा न होने दें। क्योंकि, डेंगू फैलाने वाला मच्छर रुके हुए साफ -पानी में पनपता है। पानी से भरे हुए बर्तनों व टंकियों आदि को ढंककर रखें। प्रत्येक सप्ताह कूलर को करके सुखाकर ही उपयोग में लाएं। डेंगू के उपचार के लिए कोई खास दवा या वैक्सीन नहीं है। बुखार उतारने के लिये पैरासीटामोल ले सकते हैं। एस्प्रीन इबुब्रेफेन कोर्टिसोन का प्रयोग कतई न करें, बल्कि तत्काल डॉक्टर की सलाह लें। डेंगू के हर रोगी को प्लेटलेटस की आवश्यकता नहीं पड़ती है। डेंगू की रोकथाम के लिए आवश्यक है कि सभी लोग बचाव के उपाय अपनाते हुए मच्छरों के उत्पन्न होने की सहायक परिस्थितियों पर रोक लगाएं जिससे मच्छर पैदा न होने पाए।