भेल और रेलवे कर सकते कठिन चुनौतियों का सामना
झांसी। रेलवे बोर्ड के सदस्य (ट्रैक्शन) घनश्याम सिंह ने बुधवार को भेल में 2.5 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र का अवलोकन किया। साथ ही रेलवे के लिए तैयार हो रहे डब्लूएजी 9 लोको की आपूर्ति के संदर्भ में बातचीत की।
इस मौके पर उन्होंने रेलवे द्वारा दिए गए ऑर्डर तथा विकास परियोजनाओं को अतिशीघ्र पूरा करने पर बल दिया। रेल व भेल देश की प्रगति एवं विकास के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश की प्रतिष्ठा में वृद्धि करने तथा लोक सेवा के लिए कृत संकल्पित है। तकनीक, प्रौद्योगिकी एवं विनिर्माण क्षेत्र में आज अनेक बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने भी प्रवेश किया है। इस कारण हमारे सामने अनेकों चुनौतियां हैं। भेल एवं रेलवे एक साथ मिलकर इन कठिन चुनौतियों को सुअवसर में परिवर्तित करने के साथ आधुनिक भारत के भव्य निर्माण में सृजन का स्वर्णिम इतिहास रचने में पूर्णत: सक्षम एवं समर्थ हैं। इकाई के कार्यपालक निदेशक डीके दीक्षित ने रेलवे के ऑर्डर पूरा करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में विस्तार से बताया।
इस अवसर पर महाप्रबंधक (लोको, एमएम एवं सीडीसी) अरुण बी गुप्ता, महाप्रबंधक मुक्तिकांत खरे, महाप्रबंधक (डब्लूईएक्स एवं मॉर्डनाइजेशन) प्रविश वार्ष्णेय, रेलवे अधिकारी एके गोस्वामी मौजूद रहे। आभार उप महाप्रबंधक गिरीश राज ने व्यक्त किया।