विकास खंड बबीना के सभागार में पोषण अभियान के अंतर्गत कंवर्जेंस विभागों के ग्राम स्तरीय कार्यकर्ताओं की ओरिएंटेशन कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए एसडीएम अनुनय झा ने ग्रामीणों को स्वच्छ रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण व स्वच्छ तरीके से रहने पर कुपोषण को दूर किया जा सकता है। लोगों को और जागरूक करने के लिए गांव में व्यापक प्रचार प्रसार व मुनादी कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्रधानों को प्रोत्साहित करने के लिए अच्छा कार्य करने पर उन्हें सम्मानित करने की घोषणा की।
एसडीएम ने ग्रामीणों से कहा कि खुद साफ-सुथरे रहें और लोगों को भी प्रेरित करें। व्यवहार में साफ-सफाई को हम शामिल कर लें तो अपने नौनिहालों को कुपोषण से बचा सकते हैं। गांव में जो शौचालय बने हैं, उनका शत-प्रतिशत उपयोग स्वयं करें व बच्चों को भी प्रयोग करने के लिए प्रेरित करें। ताकि, गांव भी स्वच्छ और सुंदर बन सके।
कार्यशाला में जिला कार्यक्रम अधिकारी रामेश्वर पाल ने पोषण अभियान अंतर्गत कंवर्जेंस विभागों के ग्राम स्तरीय कर्मचारियों व अधिकरियों को आयोजित होने वाले कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस, सुपोषण स्वास्थ्य मेला, गोद भराई, अन्नप्राशन, बचपन दिवस, ममता, लाड़ली दिवस का आयोजन किया जाना है। इसके साथ ही अभियान अंतर्गत कुपोषण, कुपोषण की पहचान, रोकथाम टीकाकरण व परामर्श दिया जाना है।
उन्होंने कार्यशाला में बताया कि समस्त कार्यक्रमों की जानकारी लक्षित वर्ग तक अवश्य पहुंचाई जाए ताकि उन्हें लाभान्वित किया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि व्यवहार परिवर्तन पर जोर दिया जाए तो कुपोषण से बचा जा सकता है। कार्यशाला में आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा, एएनएम के साथ ही ग्राम प्रधान शामिल हुए। इस मौके पर सुपरवाइजर अर्चना नागर, अरुणा देवी, वीनू पाल, मिथलेश राजा सहित अन्य ग्राम पंचायतों के प्रधान भी मौजूद रहे।