गलती हुई, बिना अनुमति काटी पहाड़ी
झांसी। करगुवां पहाड़ी पर हो रहे कटान को लेकर नगर निगम ने अपनी गलती मानी है। कहा कि शेल्टर होम के निर्माण शुरू होने से पहले अनुमति ली जानी थी
जो नहीं ली गई। ऐसे में अब शेल्टर होम के निर्माण के लिए नगर निगम विकल्प तलाशेगा। महापौर ने कहा कि किसी भी स्थिति में प्राकृतिक सौंदर्य से छेड़छाड़ नहीं होगी।
‘अमर उजाला’ ने 18 मार्च को करगुवां पहाड़ी पर जेसीबी से किए जा रहे कटान की खबर प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस पर डीएम ने तत्काल कार्रवाई कर काम को रुकवा दिया था। उक्त मामले में पड़ताल की गई तो सामने आया कि शेेल्टर होम बनाने के लिए सदन में प्रस्ताव पास हुआ था। उसके आधार पर सीएंडडीएस विभाग ने निर्माण के लिए पहाड़ी काटनी शुरू कर दी थी। इस पूरी प्रक्रिया में निर्माण कराने वाली संस्था से गलती हुई। खनिज विभाग से काम शुरू करने के पहले अनुमति नहीं ली गई।
काम रुक जाने के बाद अब नगर निगम शेल्टर होम के निर्माण के लिए अनुमति की प्रक्रिया को पहले अपनाएगा। यदि, अनुमति मिल जाती है तो जितना क्षेत्र समतल हुआ है उतने में ही निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा। अगर, किन्हीं कारणों से पहला विकल्प काम नहीं आएगा तो मजबूरी में नगर निगम शेेल्टर होम के लिए दूसरी जमीन को तलाशेगा।
ऐसे हुई चूक
- पार्षद ने सदन में पहाड़ी पर शेल्टर होम बनाने का प्रस्ताव दिया।
- पहाड़ी असुरक्षित जोन में घोषित करने की पहल हुई, उस पर विचार नहीं किया।
- सदन में पार्षद ने भी शेल्टर होम को पहाड़ी पर बनाने की जानकारी नहीं दी।
- नगर निगम में सहमति से प्रस्ताव पास हो गया।
- कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस ने जमीन पर निर्माण के लिए पहाड़ी की कटान शुरू कर दी।
- कटान शुरू करने के पहले खनिज विभाग से कोई अनुमति नहीं ली।
सदन में प्रस्ताव पास हुआ। पार्षद ने इसकी जानकारी नहीं दी थी कि निर्माण पहाड़ी पर कराया जाना है। काम रुकने के बाद नगर निगम विकल्प खोज रहा है। यदि अनुमति मिलती है तो पहाड़ी पर कटान किए बगैर समतली क्षेत्र में ही शेेल्टर होम का निर्माण करा दिया जाएगा। - रामतीर्थ सिंघल, महापौर
कार्यदायी संस्था से चूक हुई कि उन्होंने पहाड़ी पर निर्माण कार्य करने के पहले प्रक्रियाओं को नहीं अपनाया और सीधा काम शुरू करा दिया। पहाड़ी की कटान करने से पहले खनिज विभाग की अनुमति लेना अनिवार्य थी, जो नहीं ली गई थी। कार्यदायी संस्था अब विभाग से अनुमति लेगा। - डॉ. पुष्पराज गौतम, संपत्ति अधिकारी