कांग्रेसियों को रास नहीं आ रहा हाईकमान का फैसला
झांसी। गठबंधन में झांसी - ललितपुर लोकसभा सीट जन अधिकार पार्टी को देने का फैसला कांग्रेसियों को रास नहीं आ रहा है। सोमवार को पार्टी पदाधिकारियों ने बैठक कर सामूहिक रूप से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र भेजकर फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है।
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का बसपा सरकार में मंत्री रहे बाबू सिंह कुशवाहा के दल जन अधिकारी पार्टी (जअपा) से गठबंधन हुआ है। गठबंधन में कांग्रेस ने जअपा को उत्तर प्रदेश में पांच सीटें दी हैं। इनमें झांसी - ललितपुर लोकसभा सीट भी शामिल है। इसकी घोषणा रविवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने लखनऊ में की। जबकि, यहां टिकट को लेकर कई कांग्रेसियों में रस्साकसी चल रही थी। पार्टी द्वारा अचानक लिया गया ये फैसला स्थानीय कांग्रेसियों को रास नहीं आ रहा है।
इसे लेकर सोमवार को कांग्रेसियों की बैठक हुई, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से गठबंधन के इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की। इसके लिए सामूहिक रूप से एक पत्र राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी भेजा गया, जिसमें बताया गया कि अब तक हुए लोकसभा के सोलह चुनावों में से नौ में इस सीट पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। इसकेे अलावा क्षेत्र के विकास की कई योजनाएं भी कांग्रेस ही यहां लेकर आई, इससे इस सीट पर कांग्रेस का अच्छा जनाधार है।
शहर अध्यक्ष इम्तियाज हुसैन की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी, एआईसीसी सदस्य राहुल रिछारिया, राजेंद्र सिंह, रघुराज शर्मा, डा. विजय भारद्वाज, सुनील तिवारी, चौधी माबूद, ललित पाराशर, पंकज मिश्रा, सुनील राय, गिरिजा शंकर राय, नीता अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, विवेक बाजपेयी, मुन्ना सिंह पारीछा, राकेश टंडन, लियाकत कुरैशी, राजेंद्र शर्मा, सरला भदौरिया आदि मौजूद रहीं।
कांग्रेस सिंबल पर ही हो चुनाव
कांग्रेसियों का शीर्ष नेतृत्व को ये भी सुझाव दिया कि गठबंधन में भले ही झांसी - ललितपुर लोकसभा सीट जन अधिकार पार्टी को दे दी गई हो, लेकिन प्रत्याशी कांग्रेस सिंबल पर ही लड़ाया जाए। फिर चाहे प्रत्याशी चाहे जन अधिकार पार्टी का ही हो। जनता के बीच पार्टी की पकड़ बरकरार रखने के लिए ये जरूरी है।