गांवों में लगने वाली हाट का होगा विकास
झांसी। जिले ग्रामीण अंचलों में साप्ताहिक या सप्ताह में दो बार लगने वाले बाजारों का विकास कराया जाएगा। यहां पर न केवल दुकानदारों को बैठने के लिए छायादार चबूतरे बनाए जाएंगे, बल्कि उन्हें बिजली, पानी और शौचालय का भी इंतजाम किया जाएगा।
राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की संचालक मंडल की बैठक में निर्णय लिया गया कि ग्रामीण अंचलों में लगने वाले साप्ताहिक बाजारों और सप्ताह में एक से अधिक बार लगने वाले बाजारों के स्थल का विकास कराया जाए। इसमें दो छायादार चबूतरे बीस मीटर लंबे व छह मीटर चौड़े बनेंगे। इन चबूतरों पर बैठने वाले दुकानदारों और बाजार मेें आने वाले ग्राहकों के लिए पानी और बिजली की सुविधा दी जाएगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि केवल उन्हीं बाजारों/ हाटों का विकास कराया जाएगा जो सार्वजनिक स्थान या निर्विवाद जमीन पर चल रहे हों। यह भी देखा जाएगा कि बाजारों में कम से कम एक हजार वर्ग मीटर जगह भी हो। यह जमीन ग्राम पंचायत अथवा जिला पंचायत की हो, ताकि निर्माण करने में किसी तरह की बाधा न आए। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक रमाकांत पांडेय ने जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी के नाम पत्र भेजकर बाजारों की पड़ताल कर रिपोर्ट भेजने को कहा है।
इन बाजारों को किया गया चिह्नित
कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने पूर्व में ग्रामीण बाजारों का सर्वे कराया था। इसमें 22 गांवोेें के बाजारों को चिह्नित किया गया था। इसमें बंगरा, बिजना, नौटा, विजयगढ़, रजपुरा, रतौसा, भिटौरा, बम्हौरी, अक्सेव, हाटी, वीरा, पलरा बंगरा, मारकुवा, स्यावरी, बैगरा बंगरा, धवाकर गांव में सप्ताह में एक दिन बाजार लगता है। पृथ्वीपुर, पचवारा बंगरा, सकरार मऊरानीपुर, बबीना और बड़ागांव में सप्ताह में दो बार बाजार लगता है। उजयान गांव में रोजाना हाट लगती है।