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पारीछा थर्मल पावर प्लांट-City

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बारिश ने घटाई बिजली की डिमांड
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- पारीछा थर्मल पावर प्लांट की चार इकाइयां ठप
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
प्रदेश में लगातार बारिश के चलते कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति में व्यवधान उत्पन्न हो गए हैं। इससे बिजली की डिमांड घट गई है। बिजली की डिमांड कम होने के कारण पारीछा थर्मल पावर प्लांट की छह में चार इकाइयों का उत्पादन मंगलवार से बंद कर दिया गया। अब स्टेट लोड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर से आदेश मिलने के बाद ही उत्पादन शुरू होगा।
पारीछा थर्मल पावर प्लांट में 110 मेगावाट की दो, 210 मेगावाट की दो व 250 मेगावाट की दो इकाइयां संचालित हैं। इनमें 110 मेगावाट की नंबर एक इकाई मेंटेनेंस के कारण बंद चल रही है। इन दिनों प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण बिजली की डिमांड (मांग) कम चल रही है, इस कारण स्टेट लोड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर के आदेश पर प्लांट की 110 की एक और 210 मेगावाट की दो इकाइयों को बंद कर दिया गया है। वर्तमान में प्लांट की चार मशीनें बंद चल रही हैं, जिससे हवा में धुआं भी दिखना बंद हो गया है। बताया गया है कि पारीछा की सभी इकाइयों, अनपरा की नई इकाइयों और पनकी तथा हरदुआ की भी कुछ इकाइयों से उत्पादन बंद किया गया है।
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‘स्टेट लोड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर के आदेश पर इकाइयों को बंद किया गया है। वहां से आदेश आने पर ही एक- एक कर मशीनों को चालू किया जाएगा।’
जीपी वर्मा, मुख्य महाप्रबंधक, पारीछा थर्मल पावर प्लांट

इसलिए बंद की जाती हैं इकाइयां
बिजली की खपत के हिसाब से उपलब्धता अधिक होने पर फ्रीक्वेंसी बढ़ जाती हैं। इससे मशीनें ट्रिप हो जती हैं। सिस्टम को बचाने के लिए ऐसा करना पड़ता है। बिजली खपत के हिसाब से उपलब्धता कम होने पर वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो जाती है। बिजली को स्टोर नहीं किया जा सकता। इस कारण उतना ही उत्पादन किया जाता है, जितनी जरूरत होती है।
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बिजली उत्पादन में बाधा बन रहा गीला कोयला
पारीछा थर्मल पावर प्लांट में बारिश से कोयला गीला होने के कारण उत्पादन पूरी क्षमता के साथ नहीं हो पा रहा है। लगातार हो रही बारिश से प्लांट में रखा कोयला गीला हो गया है। इससे पूर्ण क्षमता के साथ सभी चालू इकाईयों में क्षमता के अनुरूप उत्पादन नहीं हो पा रहा है। वहीं, बरसात के कारण रैकों के समय से आने व उतरने में लगने वाली देरी के कारण कोयला संकट की स्थिति बनती जा रही है। हालांकि, अभी ऐसी स्थिति नहीं है कि इससे किसी इकाई का उत्पादन रोकना पड़े।
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