थोपा हुआ अनुशासन व्यक्ति को आदर्श नहीं बनता: डॉ. सुब्बाराव
- बीयू में हुई कौशल कार्यशाला में बोले एनएसएस संस्थापक
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
थोपा हुआ अनुशासन व्यक्ति को आदर्श नहीं बनाता, व्यक्ति की वास्तविक खुशी दूसराें को खुश देखने में होनी चाहिए। एनएसएस के स्वयंसेवक और कार्यक्रम अधिकारी लोगों को इसी वास्तविक खुशी को हासिल करने में मदद करें। यह बात राष्ट्रीय सेवा योजना के संस्थापक पद्मश्री डॉ. एसएन सुब्बाराव ने बीयू की एनएसएस द्वारा चंडीगढ़ के राजीव गांधी राष्ट्रीय युवा विकास संस्थान के तत्वावधान में आयोजित जीवन कौशल कार्यशाला के पांचवें दिन कही।
उन्होंने कहा कि वाहन चलाने का लाइसेंस मिलने का अर्थ यह नहीं होता कि हम सड़क पर चलने के नियम तोड़ें। बल्कि, इसका अर्थ नियमों का पालन करना है। उन्होंने युवाओं से खुद में निष्ठा की भावना विकसित कर देश व समाज की सेवा करने का आह्वान किया। कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने कहा कि डॉ. सुब्बाराव आज के युग के महात्मा गांधी हैं, जो राष्ट्र के नवनिर्माण में लगे हैं। कार्यशाला में एसएसएस कार्यालय के अनुचर छक्कीलाल का सम्मान हुआ। इस दौरान डॉ. एसके राय, डॉ. बीएल तिवारी, डॉ. उदय त्रिपाठी, डॉ. प्रणव त्रिपाठी, डॉ. पिंकी सिंह, डॉ. अंजूलता, डॉ. नीता शांडिल्य, डॉ. दीपशिखा मित्तल, डॉ. चंद्रजीत सिंह, डॉ. वीरेंद्र सिंह, प्रहलाद कुमार गुप्ता, डॉ. सरताज अली मौजूद रहे। इससे पूर्व डॉ. सुब्बाराव ने बीयू के आवासीय परिसर स्थिति पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।