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गणेश मंदिर में नौ दिन का होगा गणेशोत्सव
सबहेड: महाराष्ट्र समाज 12 साल बाद करेगा गणेश महायज्ञ का आयोजन
क्रासर
महोत्सव के कार्यक्रम तय, तैयारियां हुईं तेज
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
महाराष्ट्र समाज के गणेश मंदिर में इस बार गणेशोत्सव नौ दिनों का होगा। इसकी वजह दशमी तिथि दो दिन 31 अगस्त और एक सितंबर को होना हैं। मंदिर में गणेशोत्सव पर 12 वर्ष बाद गणेश महायज्ञ भी होगा। सभी कार्यक्रम तय हो गए हैं, इनकी तैयारियां तेज हो गईं हैं।
भाद्रप्रद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी 25 अगस्त से गणेशोत्सव शुरू हो जाएंगे। गणेश प्रतिमाओें को बैठाने के लिए जगह-जगह श्रद्धालुओं ने तैयारियां जोरशोर से कर दी हैं। रानी लक्ष्मीबाई और महाराजा गंगाधर राव के विवाह स्थल महाराष्ट्र समाज के गणेश मंदिर में इस वर्ष 107 गणेशोत्सव मनाया जाएगा। महाराष्ट्रीय समिति शहर झांसी के सचिव उज्ज्वल देवधर के मुताबिक दशमी तिथि दो दिन होने से मंदिर में गणेशोत्सव नौ दिन मनाया जाएगा। पूर्व में यह सात दिनों का आयोजन रहा। गणेशोत्सव की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। सजावट तेजी से हो रही है। गणेशोत्सव में 25 अगस्त को चतुर्थी पर गणेश प्रतिमा की स्थापना और पूजन महाराष्ट्रीय शैली में कीर्तन, 26 को गजानन परायण, विद्यार्थियों मेें वाद विवाद प्रतियोगिता, शाम को शास्त्रीय गायन, 27 को पाक कला प्रतियोगिता, शाम को मराठी नाटक, 28 को रंगोली प्रतियोगिता, हल्दी कूंकू, शाम को सुर संग्राम, 29 को चित्रकला प्रतियोगिता, शाम को हास्य कवि सम्मेलन, 30 को सम्मान समारोह, 31 को श्री गणेश यज्ञ, 56 भोग का अर्पण, 1 सितंबर को श्री गणेश यज्ञ, महाआरती, महाप्रसाद व 2 सितंबर को प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा निकलेगी। प्रतिमा लक्ष्मी तालाब पर विसर्जित की जाएगी। कार्यकारिणी सदस्य सुरेश खेर के मुताबिक लक्ष्मी तालाब पर प्रतिमा पहली बार विसर्जित होगी, क्योेंकि पानी वाली धर्मशाला में सफाई कार्य चल रहा है।
मंदिर में बनेगा प्रतिमा विसर्जन को जल कुंड
शहर कालीबाड़ी की तरह महाराष्ट्र समाज के गणेश मंदिर में भी प्रतिमा विसर्जन के लिए जलकुंड बनेगा। जो आठ फीट गहरा, छह फीट लंबा और पांच फीट चौड़ा होगा। समिति सचिव के मुताबिक कुंड वर्षा जल संरक्षण के काम लाया जाएगा। इसके अलावा प्रतिमा के अभिशेष का द्रव्य भी इसी कुंड में प्रवाहित किया जाएगा। अगले वर्ष तक कुंड तैयार हो जाएगा। प्रतिमा विसर्जन के लिए कुंड की नियमित सफाई होगी और इसमें सात पवित्र नदियों का जल डाला जाएगा। जल कुंड निर्माण में लगभग 50 हजार का खर्चा आएगा, समिति में कुंड निर्माण का प्रस्ताव मंजूर हो गया है।
गणेश नवरात्र भी होंगे शुरू
गणेश उत्सव से पहले महाराष्ट्र समाज में गणेश नवरात्र प्रारंभ हो जाएंगे। जो भाद्रप्रद के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से है। पूजा विधान में श्रद्धालु अखंड दीपक प्रज्वलित कर स्थापित करेंगे, जिसका विसर्जन एकादशी पर होगा।