झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में निर्माणाधीन 500 बेड अस्पताल के लिए साढ़े चार करोड़ रुपये और मिल गए हैं। बजट मिलने के बाद अब अस्पताल के निर्माण की कवायद तेज हो गई है। जल्द ही अस्पताल को और पैसा मिलने की संभावना है। ऐसे में इसी साल अस्पताल का संचालन शुरू होने के आसार हैं।
2012 में 500 बेड अस्पताल की घोषणा के बाद वर्ष 2014 में इसका निर्माण शुरू हुआ था। निर्माण की जिम्मेदारी राजकीय निर्माण निगम को सौंपी गई थी। 2017 में काम पूरा किया जाना था। शुरुआत में अस्पताल के निर्माण का बजट 1.38 अरब रुपये निर्धारित किया गया था। अब तक 1.27 अरब रुपये मिल चुके थे। इससे अस्पताल का लगभग 80 फीसदी काम भी पूरा हो चुका है। बाद में बजट नहीं मिल पाने के कारण इसका निर्माण रुक गया।
प्रदेश सरकार ने अस्पताल के निर्माण को लेकर रिपोर्ट तलब की। राजकीय निर्माण निगम ने अस्पताल तैयार होने के लिए 53 करोड़ रुपये की और जरूरत बताई। अब अस्पताल के निर्माण के लिए साढ़े चार करोड़ रुपये और मिल गए हैं। ऐसे में महज 49 करोड़ की और जरूरत है। बताया गया कि जल्द ही चिकित्सा शिक्षा विभाग की तरफ से प्रस्ताव को स्वीकृति मिल सकती है। इसके बाद बजट जारी हो जाएगा। ऐसे में अस्पताल के अधिकारी और कार्यदायी संस्था के अधिकारी इसी साल अस्पताल का संचालन शुरू होने की संभावना जता रहे हैं।
बुंदेलखंड से आते मरीज, बेड की रहती कमी
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में झांसी ही नहीं, बल्कि आसपास उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के जिलों के मरीज भी आते हैं। इससे यहां मरीजों की काफी भीड़ रहती है। अक्सर जगह के अभाव में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां तक कि उन्हें निजी अस्पतालों में जाना पड़ जाता है। नया पांच सौ बेड अस्पताल बनने से मरीजों को इस समस्या से छुटकारा मिलेगा।
सेंट्रलाइज ऑक्सीजन की भी व्यवस्था
500 बेड के इस अस्पताल में सेंट्रलाइज ऑक्सीजन के लिए भी लाइन डाली गई है। बस अस्पताल की लाइन को मेडिकल कॉलेज में स्थापित लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट से जोड़ना होगा। इसके बाद अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई चालू हो जाएगी।
500 बेड अस्पताल के निर्माण के लिए साढ़े चार करोड़ रुपये मिल गए हैं। जल्द ही और पैसा भी जारी होने की संभावना है। ऐसे में कुछ महीनों में ही अस्पताल का संचालन शुरू हो जाएगा। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
अस्पताल के लिए 53 करोड़ रुपये की जरूरत का प्रस्ताव बनाकर भेजा था। इसमें से साढ़े चार करोड़ मिल गए हैं। प्रस्ताव स्वीकृत होते ही अन्य बजट भी जारी होने की उम्मीद है। - एनएस तोमर, परियोजना निदेशक, राजकीय निर्माण निगम।