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50 फीसदी लोग तो इलाज, परीक्षा, यात्रा के लिए करा रहे कोविड जांच

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झांसी। कोरोना महामारी अभी भले ही थमी हुई है लेकिन इलाज, यात्रा और परीक्षा के नाम पर ही 50 फीसदी से ज्यादा जांचें लोगों को करानी पड़ रही हैं। एक दिन में औसत 2500 जांचें हो रही हैं। बावजूद, 1200 तो बिना किसी लक्षण के ही जांच करा रहे हैं।
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कोरोना महामारी के दौरान जरा सा भी लक्षण समाने आने पर मरीज कोविड की जांच कराने के लिए दौड़ पड़ता था। मगर अब महामारी की दूसरी लहर थम चुकी है। इसके बावजूद ढाई हजार के आसपास रोजाना जांचें झांसी में हो रही हैं। इसकी पीछे की बड़ी वजह अस्पतालों में इलाज कराने आने वाले मरीज हैं। खासकर सरकारी अस्पतालों में पर्चा बनने से पहले मरीज की कोविड जांच अनिवार्य है। इसकी रिपोर्ट के बाद ही पर्चा बनाया जाता है। इसके अलावा कई लोगों को देश-विदेश की यात्रा करने पर एयरपोर्ट पर कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट दिखानी पड़ती है। कई परीक्षाओं, साक्षात्कार, धार्मिक पर्यटन, खेलकूद प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए भी कोरोना की निगेटिव आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट मांगी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक ढाई हजार में से 50 फीसदी जांचें तो रेनडम हो रही हैं। इसमें इलाज, यात्रा, परीक्षा आदि के लोग शामिल हैं।
चेन्नई जाना था तो उससे पहले कोरोना की जांच कराई। कोई लक्षण भी नहीं था। मगर एयरपोर्ट पर जांच रिपोर्ट दिखाने का नियम है, इसलिए जांच करानी पड़ी। - अनिल झारखड़िया, झारखड़िया मुहल्ला।
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ग्वालियर से दिल्ली जाने के लिए एयरपोर्ट पर कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य था। बिना कोई लक्षण होने के बावजूद जांच कराई। निगेटिव रिपोर्ट आई। - आशीष तिवारी, अशोक सनफ्रान सिटी।
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