वाहनों से बंपर हटाने के लिए केंद्र सरकार के आदेश पर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिले में करीब पचास हजार वाहनों से बंपर हटाने का अभियान 15 फरवरी से शुरू होगा। परिवहन विभाग ने इसके लिए टीम गठित करने की बात कही है।
जिले में तिपहिया व चार पहिया वाहन डेढ़ लाख के करीब हैं। जिले में एक लाख पच्चीस हजार कारें, बारह हजार मैजिक, तेरह हजार आपे व टैक्सी, नौ सौ स्कूल बसें व अन्य बसें एवं 5300 ट्रक हैं। विभाग का मानना है कि करीब पचास हजार वाहनों में बंपर लगे हुए हैं। ऐसे में पचास हजार वाहनों से बंपर उतारना पुलिस व परिवहन विभाग के लिए चुनौती से कम नहीं होगा। नियम को वास्तविक रूप से लागू करने में भी विभाग के सामने मुश्किलें आना स्वाभाविक है। क्योंकि परिवहन विभाग के पास भी चेकिंग से लेकर कई कार्य हैं। ऐसे में अभियान में कई रोड़े आ सकते हैं। पहली बार पकड़े जाने पर एक हजार रुपये, दूसरी बार पकड़ूे जाने पर दो हजार रुपया व इसके बाद पकड़े जाने पर वाहन सीज की कार्रवाई होगी।
कार्यालय पहुंचे नियम जानने
भले ही आरटीओ व पुलिस विभाग 15 फरवरी से कार्रवाई की तैयारी में जुट गया हो, लेकिन सच यह भी है कि अधिकांश लोगों को वाहनों से बंपर उतारेे जाने की कोई जानकारी नहीं है। सोमवार को अधिकांश लोग केवल आरटीओ कार्यालय नियमों की जानकारी जानने के पहुंचे। यहां उनको बताया गया कि 15 फरवरी से कार्रवाई शुरू होगी।
उतारे जाने लगे गार्ड
कई लोगों ने कार्रवाई के डर से अपने-अपने वाहनों से बंपर उतारने के लिए मिस्त्रियों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। मैकेनिक शहजाद ने बताया कि वह वाहन सुधारने के साथ बंपर लगाने का भी काम करते थे। लेकिन कुछ दिन से इनके पास लोग अपने-अपने वाहन लेकर बंपर उतरवाने आ रहे हैं। यही हाल अन्य मैकेनिक की दुकानोें का भी है।
कार्यालय से भी हटेंगे
एआरटीओ आफिस पर फिटनेस के लिए आने वाली गाड़ियों से अभी बंपर हटाए जाएंगे। इसके लिए विभागीय स्तर पर भी निर्देश जारी किए गए हैं। 15 फरवरी से अभियान चलाकर कार्रवाई होगी।
आर के सिंह
एआरटीओ
वापस हो आदेश
इस आदेश के हम खिलाफ हैं। इस आदेश से दुकानदारों का भारी नुकसान होगा। क्योंकि, न तो जनता के और न ही दुकानदारों के हित में हैं। इससे कई घरों की रोजी भी जुड़ी है।
बहादुर सिंह परिहार, अध्यक्ष
झांसी ट्रक वेलफेयर एसोसिएशन
निर्णय परेशानी वाला
इस आदेश से व्यापारियों की परेशानी बढ़ेगी। सरकार को मिलकर इस पर कोई रास्ता निकालने की जरुरत है, ताकि नुकसान से बच सके। पहले से ही व्यापारी परेशान चल रहा है।
राजीव राय, बुंदेलखंड प्रभारी
बुंदेलखंड उद्योग व्यापार मंडल