झांसी। पारीछा डैम के पास एसटीएफ से हुई मुठभेड़ में मारे गए माफिया अतीक अहमद के बेटे असद की मौत गोली लगने के महत सात मिनट के बाद ही हो गई थी। जिस गोली से असद की जान गई वह सीधे उसके सीने में धंसी और ऊपर जाकर गले में अटक गई। यह गोली उसके शरीर में ही फंसी रह गई जबकि एक गोली असद के शरीर के आर पार हो गई। यह गोली पीछे से पीठ में लगकर पसालियों को तोड़ते हुए दिल को भेदते हुए सीने से बाहर निकल गई। असद का काम सिर्फ दो गोलियों में ही तमाम हो गया।
बृहस्पतिवार दोपहर मुठभेड़ के करीब दो घंटे बाद करीब 1.45 मिनट पर पुलिस ने पंचनामा भरकर असद और गुलाम का शव मेडिकल कॉलेज भिजवा दिया गया। यहां सबसे पहले दोनों के शव का एक्सरे कराया गया। इसके बाद शव चीरघर भिजवा दिया गया। यहां शव कई घंटे रखा रहा लेकिन, डॉक्टरों का पैनल तय न हो सकने से पोस्टमार्टम को लेकर ऊहापोह रहा। रात करीब नौ बजे डॉ. शैलेश गुप्ता, डॉ. नीरज सिंह और डॉ. राहुल पारासर के पैनल ने पोस्टमार्टम शुरू किया। सबसे पहले डाॅक्टरों ने असद का पोस्टमार्टम किया। उसके बाद शूटर गुलाम का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि माफिया अतीक के बेटे असद दो गोलियां लगी जबकि शूटर गुलाम को सिर्फ एक गोली लगी। यह गोली पीठ में लगकर दिल व सीने को चीरते हुए बाहर निकल गई। गोली से ही दोनों की मौत हुई है। दाेनों शवों के पोस्टमार्टम करने में करीब 5 घंटे का वक्त लगा। इस दौरान पूरे पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।