झांसी। फरवरी माह में 28 दिनों में ही मंडल के 438 ट्रांसफार्मर फुंक गए। अब अप्रैल, मई, जून और जुलाई की गर्मी में क्या होगा, इसे लेकर अधिकारी परेशान हैं। विभाग फिलहाल ट्रांसफार्मरों की क्षमता में वृद्धि करने में जुटा है।
मंडल की बात करें तो झांसी, ललितपुर और जालौन में कुल 34114 ट्रांसफार्मर लगे हैं। जिनमें झांसी में करीब 18 हजार, ललितपुर में 12300 और जालौन में 21600 ट्रांसफार्मर हैं। इनमें 28 दिनों में ही झांसी के 175, ललितपुर के 135 और जालौन के 128 ट्रांसफार्मर फुंक गए हैं।
बिजली विभाग के इंजीनियरों का कहना है कि कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मर ज्यादा फुंक रहे हैं। लोड बढ़ जाने से संकट खड़ा हो जाता है। मुख्यालय से भी आदेश जारी किया गया है कि जिन अधिकारियों के क्षेत्र में अधिक ट्रांसफार्मर फुंकेंगे, वहां के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी। लेकिन मंडल में लगातार फुंक रहे ट्रांसफार्मरों के बाद भी जिम्मेदारी अब तक तय नहीं हो सकी।
ट्रांसफार्मर के फुंकने के कारण
घटिया क्वालिटी होना, रख-रखाव पर ध्यान न देना, कनेक्शन बढ़ने के कारण लोड बढ़ना, बिजली चोरी से ओवरलोड होना।
फरवरी महीने में ही झांसी, ललितपुर और जालौन में 438 ट्रांसफार्मर फुंक गए हैं, ज्यादातर ट्रांसफार्मर ओवरलोड के कारण फुंकते हैं। गर्मियों से पहले मंडल के सभी ट्रांसफार्मरों की क्षमता में वृद्धि की जा रही है। इसके साथ ही मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। - राकेश सिंह, अधिशासी अभियंता, ट्रांसफार्मर वर्कशाप