खेत खलिहान दुर्घटना योजना का फॉर्म मौके पर ही भरेगा
झांसी। अब अग्निकांड की घटना के शिकार किसानों को मुख्यमंत्री खेत खलिहान दुर्घटना योजना का फॉर्म लेने के लिए मंडी तक की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। मंडी प्रशासन की नई योजना के तहत अब मंडी निरीक्षक या सहायक मौके पर जाकर किसानों का फॉर्म भरवाकर खुद जमा करेंगे। इससे किसानों को बहुत राहत मिलेगी।
गर्मियों के दिनों में खेतों में खड़ी फसलों में आग लगने की काफी घटनाएं सामने आती रहती हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होता है। सरकार मुख्यमंत्री खेत खलिहान दुर्घटना योजना के तहत मंडी के माध्यम से पीड़ित किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराती है। हालांकि, अब तक किसानों को इसके लिए मंडी से योजना का फॉर्म लेना पड़ता है। इस फॉर्म में किसान नाम, पता, गाटा संख्या, खाता संख्या आदि का उल्लेख रहता है। फिर फॉर्म जमा करने के बाद लेखपाल जांच के लिए जाता है और अपनी रिपोर्ट लगाकर भेजता है। आखिर में एसडीएम जांच रिपोर्ट के आधार पर धनराशि स्वीकृत करते हैं। इस दौरान फॉर्म लेने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से मुख्यालय आने में किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। फॉर्म भरने में भी उन्हें तमाम तरह की परेशानियों से जूझना पड़ता है।
इसको मद्देनजर रखते हुए अब उप निदेशक मंडी (विपणन/प्रशासन) सीपी तिवारी ने मंडी निरीक्षक या मंडी सहायक को मौके पर भेजकर किसानों से फॉर्म भरवाने का फैसला लिया है। उप निदेशक ने बताया कि मंडी सचिवों को निर्देश जारी किए जा रहे हैं कि वह प्रतिदिन तहसील से सूचना प्राप्त करें कि कहीं किसी गांव के खेत में आग तो नहीं लगी है। जहां अग्निकांड की सूचना मिलती है तो तत्काल मंडी निरीक्षक या मंडी सहायक को मौके पर भेजकर किसानों से मुख्यमंत्री खेत खलिहान दुर्घटना योजना का फॉर्म भरवाया जाए। फॉर्म भरवाने के बाद मंडी निरीक्षक या मंडी सहायक खुद फॉर्म जमा भी करेंगे। इससे किसानों को बेवजह परेशान नहीं होना पड़ेगा, साथ ही धनराशि का भुगतान भी जल्द हो सकेगा।