बिजली गुल लोग पसीना-पसीना, आग बबूला
झांसी। 24 घंटे बिजली आपूर्ति के सरकारी दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। सोमवार को शहर के अलग-अलग हिस्सों में घंटों हुई बिजली कटौती से लोग त्राहि-त्राहि कर गए। नींद में तो खलल पड़ी ही, सभी पसीना-पसीना हो गए। सुबह ही बिजली जाने से लोग पानी के लिए तरस गए। मोटर न चलने से सप्लाई का पानी घरों की टंकियों तक नहीं पहुंच सका। इसका खामियाजा लोग शाम तक भुगतते रहे। नहाने से लेकर कूलर भरने तक के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा। बढ़ते तापमान के साथ बढ़ रही कटौती से लोगों में जबरदस्त आक्रोश है। चुनावी बेला में भी इस अव्यवस्था से वे हैरान हैं।
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने चार अप्रैल को निर्देश जारी किए थे कि 30 अप्रैल तक बुंदेलखंड के सभी शहरी क्षेत्रों को 24 घंटे, तहसीलों को 22 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों को 20 घंटे बिजली दी जाए, लेकिन विभाग आदेश का पालन नहीं कर रहा है। कभी मेंटेनेंस तो कभी फाल्ट के नाम बिजली गुल हो जाती है। इन कारणों के चलते शहरी क्षेत्रों को 20 से 22 घंटे, तहसील को 16 से 18 घंटे और गांवों को 14 से 16 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। सोमवार को हंसारी ट्रांसमिशन सब स्टेशन पर रखरखाव कार्य के चलते बिजली आपूर्ति सुबह सात से ग्यारह बजे तक बंदी रही। इस कारण नौ सब स्टेशन जिसमें रानी महल, जेल चौराहा, मुन्ना लाल पावर हाउस, सीपरी बाजार, नंदनपुरा, प्रेमनगर, पुलिया नंबर नौ गल्ला मंडी, हंसारी, बिजौली सब स्टेशनों से जुड़े इलाकों का करंट गुल रहा। इस कटौती के कारण जलापूर्ति भी वक्त पर नहीं हो सकी। इससे लोग परेशान रहे।
‘मेंटेनेंस करना भी जरूरी है। फाल्ट आ जाए तो उसको सुधारने के लिए बिजली बंद करनी पड़ती है। इस कारण ही आदेश का शत प्रतिशत पालन नहीं हो पा रहा है।’
आरएन सिंह, मुख्य अभियंता वितरण।
सबसे ज्यादा परेशान होते हैं मुन्नालाल के उपभोक्ता
मुन्नालाल सब स्टेशन से सबसे अधिक बीस हजार उपभोक्ता जुड़े हैं। इस सब स्टेशन पर रखे 25 एमवीए क्षमता के चार ट्रांसफार्मरों से ग्यारह फीडर जुड़े हैं। सब स्टेशन से शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों के अलावा वीआईपी इलाके, सर्किट हाउस, विकास भवन समेत कई महत्वपूर्ण विभाग, डीएम समेत कई अफसरों के बंगले, तीन पानी की टंकियां जुड़ी हुई हैं। अगर कहा जाए कि शहर की आधी आबादी इस सब स्टेशन से जुड़ी है तो यह गलत नहीं होगा। इसके बाद भी मुन्नालाल सब स्टेशन की विद्युत आपूर्ति का सबसे बुरा हाल बना हुआ है। दरअसल, हंसारी से आने वाली 33 केवीए की विद्युत लाइन पुलिया नंबर नौ, प्रेमनगर आदि क्षेत्रों व जंगल से तकरीबन 21.5 किलोमीटर की दूरी तय कर मुन्नालाल सब स्टेशन तक पहुंचती है। ऐसे में लाइन में फॉल्ट आने पर उसे तलाशने में चार से छह घंटे लग जाते हैं। चूंकि, यह लाइन 40 साल पुरानी हो चुकी है, इस कारण तार भी जर्जर हो चुके हैं। गर्मियों में यह समस्या और विकराल हो जाती है।
30 तक जमा कर सकते हैं पैसा
एक मुश्त समाधान योजना में पंजीकरण कराने वाले उपभोक्ता 30 अप्रैल तक अपना बाकी भुगतान जमा कर सकते हैं। मुख्य अभियंता वितरण आरएन सिंह ने बताया कि 30 अप्रैल तक पैसा जमा न करने पर पंजीकरण और बकाया भुगतान तीस प्रतिशत जमा राशि जब्त हो जाएगी। साथ ही ऐसे उपभोक्ताओं को आरसी जारी करना शुरू कर दिया जाएगा।