ललितपुर। जिलाधिकारी ने विकासखण्ड बिरधा में ग्राम पंचायत खितवांस एवं पटसेमरा में निर्माणाधीन व्यक्तिगत शौचालयों एवं एलओबी शौचालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान 17 शौचालयों की जियो टैगिंग अवशेष पाई गई। जिस पर उन्होंने खंड विकास अधिकारी, बिरधा को निर्देशित किया गया कि श्री महेश विश्वकर्मा, ग्राम विकास अधिकारी के विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराते हुए अवगत कराने के निर्देश दिये गए।
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने ग्राम खितवांस का निरीक्षण किया। यहां जानकारी प्राप्त हुई कि 151 लाभार्थियों को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत शौचालयों के निर्माण हेतु धनराशि दी गई थी, जिसके सापेक्ष 17 की जियो टैगिंग अवशेष थी, जिसमें से 09 नामों की फीडिंग दो बार कर दी गई। शेष 05 में से 04 अपूर्ण शौचालयों के संबंध में ग्राम पंचायत अधिकारी रवींद्र द्वारा बताया गया कि इनकी रंगाई-पुताई अवशेष हैं। जिस पर जिलाधिकारी द्वारा 02 दिन में पूर्ण कर जियोटेगिंग कराने के निर्देश दिये गये।
उक्त के अतिरिक्त इस ग्राम में एलओबी के अंतर्गत 120 शौचालयों की धनराशि विगत 15 दिन पूर्व उपलब्ध करा दी गयी थी लेकिन अभी तक मात्र 03 शौचालयों का निर्माण कराया गया है। इस पर जिलाधिकारी द्वारा कडे़ रूप से निर्देशित किया गया कि एलओबी के अन्तर्गत निर्मित किये जाने वाले सभी व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कार्य 15 दिवस में अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाये और शौचालय निर्माण कार्य की प्रगति रिपोर्ट एक सप्ताह में उपलब्ध करायी जाये।
निरीक्षण से स्पष्ट है कि शौचालय निर्माण कार्य में रवीन्द्र कुमार ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा लापरवाही बरती गयी है। शौचालयों के निर्माण कार्य को समय से पूर्ण नहीं कराया गया हैं। रवीन्द्र कुमार ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्य में इनके द्वारा रूचि नहीं लेने व लापरवाही बरतने के कारण उसे प्रतिकूल प्रविष्टि प्रदान की गई। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अन्तर्गत जिन लोगों के शौचालय अभी तक नहीं बनाये गये हैं। उनमें से लाभार्थी सपना पत्नी विजय कुमार द्वारा अवगत कराया गया कि उसे अभी तक शौचालय निर्माण हेतु धनराशि नहीं दी गयी है, जिस कारण शौचालय का निर्माण कार्य प्रारम्भ नहीं कराया जा सका है।
जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि लाभार्थी को शौचालय की लागत धनराशि तत्काल उपलब्ध कराते हुए निर्माण कार्य 02 दिवस में पूर्ण कराया जाये। एलओबी के अन्तर्गत फूलचन्द्र पुत्र भरोसे के शौचालय का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस शौचालय के गढ्ढे, सुपर स्ट्रक्चर, पानी की टंकी मानक के अनुसार नहीं बनाया गया है। इस पर डीएम ने शौचालय का निर्माण मानक के अनुसार कराने के लिए निर्देशित किया। इसके उपरान्त ग्राम पटसेमरा विकास खण्ड बिरधा में निरीक्षण किया।
इस दौरान जानकारी दी गई कि 207 लाभार्थियों को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अन्तर्गत शौचालयों के निर्माण हेतु धनराशि दी गई थी, जिसके सापेक्ष 16 की जियो टैगिंग अवशेष थी। जिसमें से 05 नामों की फीडिंग दो बार कर दी गई। शेष 11 शौचालयों का निर्माण कार्य नहीं कराया गया है। जिन लोगों के शौचालय अभी तक नहीं बनाये गये हैं उनमें से लाभार्थी रघुवीर पुत्र रामू द्वारा अवगत कराया गया कि उसको अभी तक शौचालय निर्माण हेतु धनराशि नहीं दी गयी है। जिस कारण शौचालय का निर्माण कार्य प्रारम्भ नहीं कराया जा सका है।
शौचालय निर्माण हेतु विगत 06 माह पूर्व धनराशि अवमुक्त करायी जा चुकी है। वहीं, लाभार्थियों का कथन है कि उन्हे शौचालय निर्माण हेतु धनराशि उपलब्ध नहीं करायी है। इससे स्पष्ट है कि महेश विश्वकर्मा ग्राम विकास अधिकारी द्वारा लाभार्थियों को शौचालय निर्माण हेतु धनराशि उपलब्ध नहीं करायी गयी है, जिससे अभी तक शौचालयों का निर्माण कार्य नहीं हो सका है।
शासन के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्य में श्री विश्वकर्मा द्वारा अनावश्यक रूप से बाधा उत्पन्न की गई है और अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन नहीं किया गया है। इस पर डीएम ने खंड विकास अधिकारी बिरधा को महेश विश्वकर्मा ग्राम विकास अधिकारी के विरूद्ध तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराते हुए अवगत कराने के निर्देश दिए।
खण्ड विकास अधिकारी को यह भी निर्देशित किया कि प्रत्येक दिवस कम से कम 04-04 ग्रामों में निर्माणाधीन शौचालयों का निरीक्षण करें तथा निरीक्षण आख्या व फोटोग्राफ्स अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध कराए।