संवारी जाएगी बिजौली झील, सीपरी सब्जी मंडी में बनेगा मार्केट
झांसी। स्मार्ट सिटी के अंतर्गत फिलहाल 208 रुपये खर्च होंगे। इसके लिए छह कामों को चुना गया है।
इनकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) 10 सितंबर तक तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। जो काम कराए जाने हैं, उनमें बिजौली की पुरानी झील को सैलानियों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। नगर निगम कैंपस में पीवीआर सिनेमा व मॉल, सीपरी बाजार सब्जी मंडी में ऊपर मार्केट और नीचे सब्जी मंडी को नए तरीके से बनाया जाएगा।
लोकसभा चुनावों को देखते हुए स्मार्ट सिटी के कामों में तेजी आ गई है, क्योंकि सरकार का मानना है कि स्मार्ट सिटी की घोषणा करने के बाद अब तक काम जमीन पर नहीं उतर सके हैं, जो आने वाले चुनाव में जनता की नाराजगी का कारण बन सकते हैं। इसलिए ज्यादा से ज्यादा कामों को धरातल पर उतारने की तैयारी है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत फिलहाल 208 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए छह काम चुने गए हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण काम नगर निगम कैंपस में पीवीआर सिनेमा घर, मॉल और पार्किंग है।
इसके अलावा सीपरी बाजार में नगर निगम की सब्जी मंडी को नए सिरे से तैयार किया जाएगा, क्योंकि सीपरी बाजार को शहर का सबसे विकसित क्षेत्र माना जाता है, जबकि सब्जी मंडी बेतरतीब है, चारों तरफ गंदगी तथा अतिक्रमण फैला रहता है, जिससे यहां आने वाले ग्राहकों को असुविधा रहती है। इसलिए सब्जी मंडी के वर्तमान स्वरूप को तोड़कर दो मंजिला मार्केट बनाया जाएगा, उसी में गाड़ियों की पार्किंग होगी, ऊपर मार्केेट तथा नीचे आधुनिक तरीके की सब्जी मंडी होगी।
पानी वाली धर्मशाला (तालाब) को सुंदर बनाया जाएगा। इसके चारों ओर सीढ़ियों पर पत्थर लगेगा। परकोटा के पुराने दरवाजों का पुनरोद्धार किया जाएगा। पुराने बस स्टैंड पर बस मालिकों और दुकानदारों का अवैध कब्जा है। इसे हटाकर मॉल बनाया जाएगा, सड़क विकसित की जाएगी, ताकि वहां आने जाने वालों ग्राहकों को असुविधा न हो। स्मार्ट सिटी के तहत चयनित किए गए इन कामों की डीपीआर हर हाल में दस सितंबर से पहले तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।
आकर्षण बनेगी राजा की गढ़ी
बिजौली तालाब के किनारे बनी राजा की गढ़ी भी यहां आने वालों के लिए प्रमुख केंद्र बनेगी। यह ऐतिहासिक गढ़ी तालाब के किनारे पर है, लेकिन देखरेख के अभाव में इसका बुरा हाल है।
10 से पहले लॉक हो जाएंगे काम
सभी चयनित कामों की डीपीआर तैयार की जा रही है। काम में किसी तरह की लापरवाही न हो, इसलिए डीपीआर तैयार करने के लिए समय निर्धारित किया गया है। तय समय के पहले पूरी डिटेल तैयार कर शासन को भेज दी जाएगी।
- प्रताप सिंह भदौरिया, नगर आयुक्त