भारत में पनप नहीं सकता पश्चिमी दर्शन: शिवप्रताप
- वित्त राज्यमंत्री बोेले भारतीय दर्शन में आध्यात्मिकता अधिक
- पंडित जी का दर्शन आज पूरी दुनिया की आवश्यकता: वीसी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शिव प्रसाद शुक्ला ने कहा कि पश्चिम देशों का दर्शन भारत में पनप नहीं सकता है, क्योंकि इसमें भौतिकता है। जबकि, भारतीय दर्शन में आध्यात्मिकता अधिक है। एकात्म दर्शन को राजनीतिक दर्शन के रूप में पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने नहीं स्वीकारा। समय के साथ इसको राजनीतिक दर्शन के रूप में स्वीकारा जाने लगा। उन्होंने यह बात बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानवता दर्शन: प्रासंगिकता एवं व्यवहार्यता विषयक एक दिवसीय संगोष्ठी के दौरान कही।
वित्त राज्यमंत्री ने कहा कि पंडित जी का सोच था कि सबसे नीचे और सबसे ऊंचे स्तर वाले व्यक्ति में पैसे का अंतर एक और दस होना चाहिए। आज के समय में यह अंतर बढ़कर हजार और लाखों में पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि अगर लोगों को रोटी, कपड़ा और मकान नहीं मिलता है, तो विकास की ओर कदम बढ़ाने की बात कहना गलत है। भारत को छोड़कर विश्व का कोई भी देश धरती को मां नहीं कहता। भारत में राष्ट्र को सिर्फ भौगोलिक परिधि से युक्त जमीन का टुकड़ा नहीं माना जाता। मुख्य वक्ता प्रो. श्रीराम अग्रवाल ने कहा कि सन् 1965 में जनसंघ ने पंडित जी के एकात्म मानववाद को मार्गदर्शन के रूप में स्वीकार किया। पहले इसे अभिवाज्य फिर एकात्म मानववाद कहा गया। एकात्म मानदर्शन वास्तविकता में जीवन दर्शन है। उनका दर्शन वैश्विक पटल पर भी लागू होगा। कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजनीति नहीं दर्शन के व्यक्ति हैं। उन्होंने एकात्म मानववाद की जो अवधारणा विकसित की, वो पूरी दुनिया के लिए ज्ञान बना। पश्चिम का दर्शन पूरी तरह त्याज्य नहीं है, जरूरत बस उसे देश के अनुकूल बनाने की है। पंडित जी का दर्शन आज पूरी दुनिया की आवश्यकता है। मंत्री ने बूटा के नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को शपथ भी दिलाई। इस दौरान विधायक जवाहर लाल राजपूत, महापौर किरण वर्मा, कुलसचिव प्रो. एसपी सिंह, प्रो. सीबी सिंह, प्रो. एमएल मौर्या, प्रो. सुनील काबिया, प्रो. मुन्ना तिवारी, प्रो. आरके सैनी, इंजी. राहुल शुक्ला, भाजपा नेता संजीव ऋंगीरिषी, डॉ. संतोष पांडेय, डॉ. प्रतीक अग्रवाल, डॉ. यशोधरा शर्मा, डॉ. शंभूनाथ सिंह, डॉ. रश्मि सेंगर, अनिल बोहरे, विवेक अग्रवाल, जीके नायक मौजूद रहे। संचालन डॉ. अंकिता जैस्मिन लाल ने किया। इससे पहले वित्त राज्यमंत्री ने आवासीय परिसर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति का अनावरण किया।
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भूटान से रक्षा का वचन पूरा किया
वित्त मंत्री ने कहा कि चीन भूटान की सीमा में दाखिल होने का प्रयास कर रहा था। भारत ने भूटान को रक्षा का वचन दिया। भारत अड़ा रहा और तमाम धमकियां देने के बाद चीन को कदम पीछे खींचने पड़े। उन्होंने कहा कि भारत विश्व गुरू बनने की ओर है। अमेरिका, जापान जैसे बड़े देश भारत के साथ खड़े हो गए हैं।